जब कलम सेवा का संकल्प बनी ओबरा में मानवता की नई मिसाल, सीआईएसएफ जवान ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ

आस्था, शुद्धता और स्वाद का अनूठा संगम

पूर्वा टाइम्स – समाचार
ओबरा, सोनभद्र पत्रकारिता को समाज का दर्पण कहा जाता है, लेकिन जब एक पत्रकार अपनी लेखनी की मर्यादा के साथ-साथ हाथों में सेवा का संकल्प लेकर मैदान में उतरता है, तो समाज में एक सकारात्मक क्रांति का जन्म होता है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा नगर में कुछ ऐसा ही अद्भुत दृश्य पिछले 9 महीनों से निरंतर दिखाई दे रहा है। सुभाष चौराहा स्थित सिद्ध पीठ श्री हनुमान मंदिर परिसर में प्रत्येक शनिवार शाम 6:00 बजे एक अलग ही आध्यात्मिक रौनक होती है। श्री राम सेवा समिति द्वारा आयोजित इस विशाल खिचड़ी भंडारे में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहाँ परोसे जाने वाले प्रसाद की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सात्विकता और शुद्धता है। बिना लहसुन और प्याज के तैयार यह खिचड़ी इतनी स्वादिष्ट होती है कि श्रद्धालु इसे बार-बार मांगकर ग्रहण करते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि इस प्रसाद में साक्षात बजरंगबली का आशीर्वाद समाहित है। इस पुनीत कार्य की नींव स्थानीय पत्रकार अजीत सिंह ने रखी। खबरों की आपाधापी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्होंने महसूस किया कि संवेदनशीलता केवल शब्दों में नहीं, बल्कि धरातल पर कार्यों में भी दिखनी चाहिए। इसी सोच के साथ शुरू हुई श्री राम सेवा समिति आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है। इस शनिवार का भंडारा एक विशेष सहयोग का साक्षी बना। देश की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ (CISF) के जवान विनोद कुमार जी के पूर्ण सहयोग से यह आयोजन संपन्न हुआ। यह दर्शाता है कि सेवा के इस महायज्ञ में समाज के हर वर्ग, यहाँ तक कि सरहदों और औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा करने वाले जवानों का भी अटूट जुड़ाव है। समिति का लक्ष्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकजुटता के माध्यम से भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में देखना है। इस कार्य की सबसे प्रेरक बात भंडारे के बाद की स्वच्छता है। समिति के सदस्य स्वयं झाड़ू उठाकर पूरे मंदिर परिसर को साफ करते हैं, जो समाज को नागरिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाता है। ईश्वर ने मनुष्य को धरती पर दूसरों की और बेजुबान जानवरों की सेवा करने के लिए भेजा है। हमारा उद्देश्य हिंदुत्व को आगे बढ़ाना और सेवा भाव के माध्यम से समाज को जोड़ना है।—अजीत सिंह, संस्थापक (श्री राम सेवा समिति) इस सेवा यज्ञ को सफल बनाने में अनुभवी मार्गदर्शकों और ऊर्जावान युवाओं की एक बड़ी टीम दिन-रात जुटी रहती है। मुख्य संरक्षक हनुमान मंदिर के महंत वशिष्ठ जी महाराज और ओबरा परियोजना के सेवानिवृत्त बाबूराम सिंह और संरक्षक समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह आदित्य वर्मा। कर्मठ सदस्य, रीता कुमारी, रीना राय, सर्वेश दुबे, अमित गुप्ता, रणजीत तिवारी, मुन्ना विश्वकर्मा, उमाशंकर केसरी और अमित मिश्रा, अविनाश श्रीवास्तव ,सरिता सिंह,पुष्पा दुबे,। कड़कड़ाती ठंड हो या दोपहर की तपती धूप, ये सेवादार स्वयं आग पर विशाल कड़ाही में प्रसाद तैयार करते हैं। इनका यह श्रमदान और समर्पण पूरे ओबरा क्षेत्र में चर्चा और सम्मान का केंद्र बना हुआ है।ओबरा का यह शनिवार का भंडारा सिद्ध करता है कि यदि नेतृत्व निस्वार्थ हो और उद्देश्य मानवता का कल्याण, तो समाज का हर वर्ग चाहे वह पत्रकार हो, सामाजिक कार्यकर्ता हो या देश का जवान सहयोग के लिए आगे आता है। श्री राम सेवा समिति आज केवल भोजन नहीं, बल्कि प्रेम, संस्कार और सनातन संस्कृति का प्रसाद बांट रही है।

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