रेणुकूट हिंडाल्को प्रबंधन और डब्लू सिंह के बीच वार्ता सफल, आंदोलन की चेतावनी के बाद पहली बार मिली लिखित रिसीविंग

पूर्वा टाइम्स – समाचार
रेणुकूट (सोनभद्र) हिंडाल्को कारखाने के मजदूरों के हितों और उनकी 6-सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध बुधवार की रात एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। मजदूर नेता विजय प्रताप सिंह (डब्लू सिंह) और हिंडाल्को प्रबंधन के बीच पिपरी थाने में हुई घंटों लंबी वार्ता के बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में प्रबंधन ने पहली बार मांग पत्र की रिसीविंग स्वीकार की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक (MD) सतीश पाई के प्रस्तावित रेणुकूट दौरे को देखते हुए डब्लू सिंह ने उन्हें मांग पत्र सौंपने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद से ही पुलिस प्रशासन सक्रिय था। बुधवार की रात लगभग 9:30 बजे डब्लू सिंह को पिपरी थाना बुलाया गया, जहाँ पहले से ही हिंडाल्को नगर प्रशासक की पूरी टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। थाने में हुई वार्ता के दौरान पुलिस प्रशासन ने बीच-बचाव करते हुए प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधि के बीच सामंजस्य बिठाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे खुद मजदूरों की समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखेंगे। प्रशासन ने डब्लू सिंह से अपील की कि MD के कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन न किया जाए, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो। वार्ता के बाद डब्लू सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंधन ने उनकी 6-सूत्रीय मांगों को MD तक पहुँचाने का लिखित आश्वासन दिया है। हिंडाल्को के इतिहास में संभवत यह पहली बार है जब मैनेजमेंट ने हमारे मांग पत्र की आधिकारिक रिसीविंग दी है। हालांकि हमें उनके वादों पर पूर्ण भरोसा नहीं है, लेकिन लड़ाई के लिए यह रिसीविंग एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।— डब्लू सिंह हालांकि मांग पत्र के सभी बिंदुओं का खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें मुख्य रूप से:
1-मजदूरों के वेतन और भत्तों में विसंगतियां।
2-सुरक्षा मानकों में सुधार।
3-स्थानीय मजदूरों को रोजगार में प्राथमिकता।
4-ठेका श्रमिकों के कल्याणकारी अधिकार।
जैसे मुद्दे शामिल हैं। डब्लू सिंह ने हिंडाल्को में कार्यरत समस्त मजदूर भाइयों से शांति बनाए रखने और अपनी एकता को अटूट रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और मजदूरों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

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