गोरखपुर जिला कारागार से पॉक्सो आरोपी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गोरखपुर। जिला कारागार गोरखपुर में शुक्रवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई, जब दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में निरुद्ध एक बंदी जेल परिसर से फरार हो गया। बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल जिलेभर में अलर्ट जारी कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
जेल सूत्रों के अनुसार बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार निवासी विपिन पुत्र हरिशंकर को दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर 18 जुलाई को जिला कारागार भेजा गया था। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षक निजामुद्दीन 49 बंदियों को जेल परिसर से सटी नई बाउंड्री के पास स्थित बगिया में कार्य कराने ले गए थे।
करीब 11:30 बजे बंदियों की गिनती के दौरान एक बंदी कम मिला। तत्काल खोजबीन शुरू की गई तो पता चला कि विपिन बगिया में लगे एक पेड़ पर चढ़कर जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
फरार बंदी की तलाश में जेल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षक निजामुद्दीन से पूछताछ की जा रही है, जबकि पूरे मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
जेल से एक विचाराधीन बंदी के फरार होने की इस घटना ने जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश अथवा मिलीभगत भी थी। पुलिस की टीमें फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।








