एमएमएमयूटी में ‘दीक्षोत्सव’ के तहत एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, पहले दिन 45 छात्राओं को लगी वैक्सीन

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की माननीय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित ‘दीक्षोत्सव’ के अंतर्गत मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर में शुक्रवार को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण का शुभारम्भ किया गया। माननीय कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य छात्राओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें समय रहते सुरक्षा प्रदान करना है।
विश्वविद्यालय के महिला कल्याण एवं उत्पीड़न विरोधी प्रकोष्ठ तथा विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर के सहयोग एवं एचडीएफसी बैंक के प्रायोजन से यह टीकाकरण अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित स्वदेशी CERVAVAC वैक्सीन लगाई गई, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से सुरक्षा प्रदान करती है। यही वायरस गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता ने स्वयं टीकाकरण कर किया। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एचपीवी टीकाकरण गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम का प्रभावी माध्यम है तथा कम उम्र में लगाया गया यह टीका भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकता है। उन्होंने प्रथम लाभार्थी को वैक्सीन लगाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
अभियान के पहले दिन विश्वविद्यालय की 45 पंजीकृत छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। कार्यक्रम के आयोजन में महिला कल्याण एवं उत्पीड़न विरोधी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. मीनू तथा विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा अधिकारी डॉ. रीना बंका ने प्रमुख भूमिका निभाई। अभियान को सफल बनाने में एम्स गोरखपुर के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आनंद दीक्षित तथा एचडीएफसी बैंक, गोरखपुर के क्लस्टर हेड श्री सुधीर के. गुप्ता का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव डॉ. प्रियंका राय, डॉ. ज्योति एवं डॉ. भारती शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह टीकाकरण अभियान छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने तथा जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी छात्र-छात्राओं के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।








