संत निरंकारी सत्संग ब्रांच स्तरीय निरंकारी बाल समागम संपन्न

पूर्वा टाइम्स अखिलेश कुमार
गोरखपुर । संत निरंकारी सत्संग भवन सूरजकुंड में आयोजित ब्रांच स्तरीय निरंकारी बाल संत समागम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर के मुखी डॉ0 एम0डी0 मिश्रा ने फरमाया कि साध संगत,बाल संगत का नजारा सतगुरु की कृपा की देन है ,इस चिलचिलाती धूप में आप सभी ने परवाह किए बगैर कृपा कियेहैं।सद्गुरु स्वयं निरंकार होता है जो सरकार रूप में धरा धाम पर अवतरित होता है ,ये केवल विश्व का कल्याण करने के लिए आते हैं। इसलिए गुरु जैसा कोई दाता नहीं होता। सद्गुरु जन्मो -जन्मो से भटकी हुई इस रूह को इस निरंकार से मिलाने के लिए आता है। उन्होंने आगे फरमाया कि बाल संगत 1979 में पंजाब के चंडीगढ़ सेक्टर 20 में,बाबा अवतार सिंह जी महाराज की हुजूरी में हुई थी,उन्होंने फरमाया था कि ये छोटे-छोटे बच्चे आगे चलकर देश के सच्चे नागरिक बनेंगे। आज समय का सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से यूथ सिंपोजियम का आयोजन हो रहा है, ये नौजवान कितने अनुशासित होकर गुरु के प्रचार में योगदान दे रहे हैं। महात्मा ने हरदेव वाणी की पंक्तियों का उदाहरण देते हुए कहा। घोर कलयुग आ गया है ,संभल-संभल पग धरना है। आज के परिवेश में एक ही तरीका है कि बच्चों के साथ बैठना तथा बच्चों को गुरु के चरणों में झुका देना है। क्योंकि प्रभु राम ने भी यही आदर्श स्थापित किया था प्रात समय उठिके रघुनाथा, गुरु, पितु-मात नवावहि माथा। ये छोटे-छोटे बच्चे आगे चलकर विशाल वृक्ष का रूप धारण करेंगेऔर मानव मात्र के लिए छाया प्रदान करेंगे।
बाल संतो ने लघु नाटक, कविता पाठ ,भजन,हरदेव वाणी गायन, और निरंकार से जोड़ते हुए सारगर्भित विचार रखें। मंच का संचालन साहिल दुआ ने किया तथा लंगर /प्रसाद का वितरण संचालक महात्मा राजेश जी के कुशल निर्देशन में किया गया।

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