20 जुलाई से चोपन में गूंजेगी श्रीराम कथा, विश्व शांति महायज्ञ की तैयारियां पूरी, भक्ति और सनातन संस्कृति के रंग में रंगेगा नगर

पूर्वा टाइम्स – समाचार

सोनभद्र। चोपन धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र के रूप में विख्यात चोपन नगर एक बार फिर भक्ति, वैदिक परंपराओं और सनातन संस्कृति की दिव्य आभा से आलोकित होने जा रहा है। नगर के चोपन गांव स्थित मां मेड़र माता मंदिर परिसर में 20 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले विश्व शांति महायज्ञ एवं श्रीराम कथा महोत्सव की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह का वातावरण व्याप्त है। आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, परम पूज्य दिलीप महाराज जी के श्रीमुख से प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक श्रीराम कथा का दिव्य रसपान कराया जाएगा। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, धर्म, त्याग एवं लोककल्याण के संदेशों से श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवनोपयोगी प्रेरणा प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 20 जुलाई को प्रातः 9 बजे भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के साथ होगा। यह शोभायात्रा चोपन बैरियर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आयोजन स्थल मां मेड़र माता मंदिर अल्ट्राटेक पानी टंकी परिसर पहुंचेगी। वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों एवं जय श्रीराम के उद्घोष के साथ निकाली जाने वाली यह शोभायात्रा सम्पूर्ण नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर देगी। इस विराट धार्मिक आयोजन के आयोजक धर्माचार्य शिवकुमार पहाड़ी बाबा हैं। कार्यक्रम के संरक्षक मंडल में राजा मिश्रा, नागेश्वर गौड़, सुनील सिंह, श्यामा चरण गिरी, राजकुमार यादव एवं संतोष साहनी सहित अनेक समाजसेवी एवं श्रद्धालु सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। आयोजन को सफल एवं भव्य बनाने के लिए नगर के गणमान्य नागरिकों तथा युवाओं द्वारा दिन-रात तैयारियां की जा रही हैं। विश्व शांति महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण, विश्व शांति, सामाजिक समरसता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। यज्ञ एवं श्रीराम कथा के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव, धार्मिक जागरण तथा आध्यात्मिक चेतना का संचार करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करने की अपील की है। साथ ही विश्व शांति महायज्ञ में अपनी श्रद्धा, भक्ति और सामर्थ्य के अनुसार हवन सामग्री एवं सहयोग अर्पित कर इस पुण्य यज्ञ के सहभागी बनने का आग्रह किया है। समिति का कहना है कि विश्व शांति एवं मानव कल्याण के इस महाअनुष्ठान में सहभागिता कर प्रत्येक श्रद्धालु पुण्य लाभ का भागी बन सकता है।

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