फर्नीचर बनाकर हेमा ने छुआ सपनों का आसमान, आज 20 लोगों को दे रहीं रोजगार.
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -करमा ब्लॉक के सरौली गांव की रहने वाली 27 वर्षीय हेमा कुमारी ने अपनी मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से सफलता की ऐसी कहानी लिखी है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। कभी आर्थिक तंगी के कारण मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाली हेमा आज सफल महिला उद्यमी बन चुकी हैं और अपने व्यवसाय के माध्यम से करीब 20 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। हेमा ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें मजदूरी तक करनी पड़ती थी। इसी दौरान वह सत्य आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से उन्हें फर्नीचर निर्माण का प्रशिक्षण मिला और व्यवसाय शुरू करने के लिए 20 हजार रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिलने के बाद हेमा ने अपने पति धर्मेंद्र प्रजापति के साथ मिलकर लकड़ी के फर्नीचर बनाने का कार्य शुरू किया। शुरुआत में वह स्थानीय बाजारों में अपने उत्पाद बेचती थीं। उनके द्वारा तैयार किए गए फर्नीचर की गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन के कारण धीरे-धीरे बाजार में मांग बढ़ने लगी। बढ़ती मांग ने हेमा का आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार करना शुरू कर दिया। हेमा बताती हैं कि एनआरएलएम ने समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण, व्यवसाय प्रबंधन, विपणन संबंधी जानकारी और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया। इसी सहयोग के बल पर उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ता गया। वर्तमान में उनके प्रतिष्ठान में करीब 20 कारीगर कार्य कर रहे हैं और उनका वार्षिक कारोबार लगभग 20 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। कारोबार में सफलता मिलने के बाद हेमा ने अपनी खुद की दुकान भी खोली। व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए एनआरएलएम के माध्यम से उन्हें 5 लाख रुपये का ऋण मिला। ऋण का समय पर भुगतान करने के बाद उन्होंने दोबारा 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और अपनी दुकान में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री भी शुरू कर दी। हेमा का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह अपने गांव में रोजगार सृजन का माध्यम बनेंगी। उनका मानना है कि प्रदेश सरकार की योजनाओं, पारदर्शी व्यवस्था और प्रशासनिक सहयोग ने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी है। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त सरिता सिंह ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एनआरएलएम द्वारा कौशल विकास प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और उद्यमिता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हेमा कुमारी की सफलता से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जिसमें प्रदेश सरकार और एनआरएलएम हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं।









