खाकी पर दाग : कैंपियरगंज एसओ निलंबित, वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप

पूर्वा टाइम्स अखिलेश कुमार
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्ती के दावों के बीच गोरखपुर के कैंपियरगंज थाने से खाकी को कटघरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। कैंपियरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच में पुष्टि होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कैंपियरगंज थाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित आवास से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि जब सीएम सिटी के नजदीक यह स्थिति है, तो दूरदराज इलाकों का हाल क्या होगा।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मामला सिर्फ एक थाने तक सीमित नहीं हो सकता। जानकारों का मानना है कि यदि निष्पक्ष और व्यापक जांच हो, तो अन्य थानों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ सकती है। आरोप है कि कुछ जगहों पर न्याय प्रक्रिया के बजाय अवैध वसूली को प्राथमिकता दी जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल एक अधिकारी तक सीमित रहेगी या कथित वसूली के नेटवर्क की गहराई तक जांच पहुंचेगी। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की नीति के बीच आम लोगों को उम्मीद है कि इस मामले में पारदर्शी जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पुलिस व्यवस्था में विश्वास कायम रह सके। कैंपियरगंज की यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने की जरूरत है। सरकार की मंशा के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सख्त क्रियान्वयन ही ऐसी घटनाओं पर रोक लगा सकता है।

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