पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से दुर्व्यवहार खनन कर्ताओ पर दलित युवक ने लगाए गमीर आरोप –

पूर्वा टाइम्स – समाचार

सोनभद्र के जनपद के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत मीतापुर गांव में अवैध बालू खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, उनके भाई तथा एक दलित युवक के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और जातिसूचक गाली देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओबरा तहसील क्षेत्र के महलपुर स्थित रूद्रा माइनिंग लीज के आसपास, मीतापुर गांव के समीप सोन नदी की मुख्यधारा में लंबे समय से अवैध तरीके से बालू खनन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि खनन माफिया प्रतिबंधित मशीनों का उपयोग कर रोजाना सैकड़ों ट्रकों से बालू की निकासी कर रहे थे, जिससे न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हो रहा था बल्कि नदी की प्राकृतिक धारा भी प्रभावित हो रही थी। विवाद के बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव अपने भाई राजेंद्र यादव व चालक के साथ अपनी वाहन से मितापुर बंधवा रेडिया बॉर्डर के पास साइट में खड़ा करके नदी में बैठा था तभी रुद्रा मीनिंग भगवा महलपुर के 8 से 10 की संख्या में लोग आए और आरोप है कि उक्त लोगों ने न केवल अनिल यादव के साथ अभद्रता की, बल्कि उनके भाई राजेंद्र यादव के साथ मारपीट भी की। इतना ही नहीं, हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो वाहन की हवा निकालकर नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय के लिए उन्हें जबरन ले जाने की भी चर्चा रही, जिससे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया। इसी घटनाक्रम के दौरान ग्राम बिजौर निवासी देवनारायण उर्फ पप्पू कोल, जो अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं, ने भी थाना चोपन में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वह भी मौके पर मौजूद थे और वहां की स्थिति का वीडियो बना रहे थे। तभी खनन स्थल से कुछ लोग लाठी-डंडा और हथियार लेकर आए और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और विरोध करने पर मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। तहरीर में नामजद सहित करीब 10 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। घटना की सूचना मिलते ही चोपन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि भगवा महलपुर क्षेत्र में दो पक्षों के बीच झड़प हुई है। मौके पर पहुंचकर जांच करने पर पता चला कि कुछ लोग खनन क्षेत्र में वीडियो बना रहे थे, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और मारपीट हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई है और इस तरह की बातें निराधार हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने अवैध खनन के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई, तो ऐसे विवाद आगे और गंभीर रूप ले सकते हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।

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