सीमांकन के बिना रातों-रात निर्माण! वन विभाग और पट्टा जमीन विवाद ने बढ़ाया तनाव।
पूर्वा टाइम्स -बेचन शर्मा
गोरखपुर।कैंपियरगंज सोनौली हाईवे के किनारे भारी वैसी गांव में वन विभाग और पट्टा की जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते अब तक जमीन का सीमांकन नहीं हो पाया है, जिससे स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग के अधिकारियों ने कई बार फरेंदा उपजिलाधिकारी से सीमांकन की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी बीच, गुरुवार रात को चोरी-छिपे सेंटरिंग कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
सूचना मिलते ही रेंजर IFS रोहन तिवारी और डिप्टी रेंजर राहुल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सीमांकन नहीं होगा, निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। सेंटरिंग का सामान जब्त कर वन रेंज कार्यालय ले जाया गया।
मौके पर कुछ दबंग व्यक्तियों ने प्रशासनिक कार्यवाही में बाधा डालने और दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन वन विभाग की सख्ती के आगे उनकी एक न चली।सूत्रों का कहना है कि हाईवे से सटी कीमती जमीन को लेकर अवैध कब्जे और बिक्री का खेल चल रहा है। कथित तौर पर पट्टा की जमीन को कागजों में दिखाकर बेचा जा रहा है और कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। गांव में भी इसी तरह कई मकान खड़े किए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह “कब्जा करो अभियान” जैसा बन गया है, जहां नियमों को दरकिनार कर जमीन हड़पी जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक सीमांकन कर विवाद सुलझाता है और अवैध निर्माण पर क्या सख्त कार्रवाई होती है।










