एलपीजी उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी
आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण कागजों पर नहीं, शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर हो
शिकायतों की पुनरावृत्ति पर गैस एजेंसी के विरुद्ध होगी कठोर कार्रवाई
जीरो पॉवर्टी 2.0 के तहत वंचित परिवारों को प्राथमिकता से मिलेगा एलपीजी कनेक्शन
ई-केवाईसी का शत-प्रतिशत सत्यापन जल्द पूरा कराने के निर्देश
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र -जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में एलपीजी उपभोक्ताओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में एलपीजी गैस कनेक्शनों के ई-केवाईसी सत्यापन, आईजीआरएस/जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा जीरो पॉवर्टी 2.0 अभियान के अंतर्गत पात्र एवं वंचित परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, समस्त पूर्ति निरीक्षक, आईओसीएल, बीपीसीएल एवं एचपीसीएल के विक्रय प्रबंधक तथा जनपद की एलपीजी गैस एजेंसियों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस एवं जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे। शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि को ही निस्तारण का प्रमुख आधार बनाया जाए। असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होने अथवा शिकायतों के संबंध में गलत या भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि एलपीजी उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने, दुर्व्यवहार करने अथवा निर्धारित सेवाएं समय से उपलब्ध न कराने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। किसी गैस एजेंसी के विरुद्ध लगातार शिकायतें प्राप्त होने अथवा शिकायतों की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एनओसी निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी बैठक जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को जनपद में प्रचलित एलपीजी कनेक्शनों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सत्यापन शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों एवं गैस एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए, जिससे पात्र उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों द्वारा अवगत कराया गया कि 01 अक्टूबर 2026 से ऐसे घरेलू एलपीजी ग्राहकों की रिफिल बुकिंग रोक दी जाएगी, जिनका बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूर्ण नहीं हुआ है। उज्ज्वला योजना के लंबित ई-केवाईसी वाले लाभार्थियों को सामान्य रिफिल बुकिंग सुविधा प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी पूर्ण करना आवश्यक होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को एफटीएल का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
जीरो पॉवर्टी 2.0 अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत चिन्हित अत्यंत निर्धन एवं वंचित परिवारों, जिनके पास अभी एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, का प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन कराया जाए तथा पात्र परिवारों को योजना के तहत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराते हुए शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं गैस एजेंसियों को आपसी समन्वय से पात्र परिवारों का सत्यापन कराते हुए प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि गैस एजेंसियां उपभोक्ता सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। निर्धारित सेवाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों एवं गैस एजेंसियों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को एजेंसियों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उपभोक्ता शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, समस्त पूर्ति निरीक्षक, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी, तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधक एवं एलपीजी गैस एजेंसियों के संचालक उपस्थित रहे।


