डिजिटल दौर में गांवों की पढ़ाई भी होगी स्मार्ट, 103 ग्राम पंचायतों में खुलेंगी डिजिटल लाइब्रेरी

पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र । जिंदगी के हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते डिजिटलाइजेशन ने पढ़ाई और ज्ञान हासिल करने के तौर-तरीकों को भी पूरी तरह बदल दिया है। किताबों से आगे बढ़कर अब मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट शिक्षा के बड़े माध्यम बन चुके हैं। इसी बदलते दौर में गांवों के विद्यार्थियों और युवाओं को भी डिजिटल शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। सोनभद्र की 103 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की दिशा में शासन स्तर से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली प्रतिभाओं को गांव में ही आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जोड़ना है। इसके जरिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री गांव में ही उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

ई-बुक से ऑनलाइन कोर्स तक मिलेगा ज्ञान का खजाना –

प्रस्तावित डिजिटल लाइब्रेरी में ई-बुक्स, डिजिटल अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक वीडियो, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री और अन्य ज्ञानवर्धक संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने की परिकल्पना है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए केवल पारंपरिक पुस्तकों या शहरों में उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी।

गांव में ही इंटरनेट आधारित शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध होने से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकेंगे। डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल से उन्हें नई तकनीक के साथ कदमताल करने का अवसर भी मिलेगा।

शहरों की ओर दौड़ पर लगेगा ब्रेक –

ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के सामने अक्सर बेहतर अध्ययन संसाधनों की उपलब्धता बड़ी चुनौती रहती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्हें शहरों का रुख करना पड़ता है या महंगे अध्ययन संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

डिजिटल लाइब्रेरी में शांतिपूर्ण अध्ययन का वातावरण तैयार करने के साथ इंटरनेट आधारित शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल करने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को भी मिलेगा सहारा –

डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ स्कूली विद्यार्थियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी मिलेगा। सामान्य ज्ञान, डिजिटल पुस्तकें, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और विभिन्न पाठ्यक्रमों से जुड़ी सामग्री युवाओं को अपने लक्ष्य की तैयारी में मदद कर सकती है।

इस पहल से ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शहरों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिलेगा। साथ ही डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया में उपलब्ध ज्ञान और अध्ययन सामग्री तक उनकी पहुंच आसान हो सकेगी।

गांव में तैयार होगा आधुनिक अध्ययन का केंद्र –

103 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना को ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और तकनीक की पहुंच बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके जरिए गांवों में ऐसा अध्ययन वातावरण विकसित करने की परिकल्पना है, जहां विद्यार्थी और युवा पढ़ाई के साथ डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें।

खास बात यह है कि डिजिटल युग में केवल इंटरनेट की पहुंच पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका शिक्षा और ज्ञान के लिए प्रभावी इस्तेमाल भी जरूरी है। ऐसे में इन लाइब्रेरी का संचालन नियमित और उपयोगी ढंग से हुआ तो ये ग्राम पंचायत स्तर पर विद्यार्थियों और युवाओं के लिए ज्ञान एवं प्रतियोगी तैयारी के महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती हैं।

बहरहाल डिजिटल लाइब्रेरी की यह पहल यदि व्यवस्थित तरीके से गांवों में नियमित रूप से संचालित हुई, तो आदिवासी बाहुल्य जनपद की ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए यह बदलाव की बड़ी सीढ़ी साबित हो सकती है। शहरों जैसी डिजिटल अध्ययन सुविधाएं गांव की चौखट तक पहुंचने से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को नई राह मिलेगी। अब असली चुनौती 103 डिजिटल लाइब्रेरियों को स्थापित करने से ज्यादा उन्हें सक्रिय, सुलभ और उपयोगी बनाए रखने की होगी, ताकि डिजिटल शिक्षा का यह सपना धरातल पर उतरकर गांव के युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे सके।

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