धार्मिक स्थलों के पास कूड़े के ढेर, धुएं और आवारा पशुओं से लोगों का जीना मुश्किल – भारतीय मानवाधिकार महासंघ

दिल्ली। मुकेरियां मे मंदिरों के मार्ग पर गंदगी का अंबार, पेड़ों को भी पहुंच रहा नुक़सान – कार्रवाई की मांग तेज मुकेरियां शहर की देवा कालोनी से लेकर परमहंसा मंदिर, देवा मंदिर, शेषनाग मंदिर, गौशाला, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर तक जाने वाली सड़क पर भारी गंदगी और कुंडे के ढेर लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकें हैं इसी मार्ग पर रेशमबाग बानी विभाग भी स्थित है जहां लगातार कूड़ा ढ़ेर फेंका जा रहा है और कई बार आग भी लगाई जाती है स्थानीय लोगों के अनुसार कुंडे ढ़ेर को जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है और आस-पास लगें कई पेड़ पौधे को भी नुकसान पहुंचा है एक तरफ सरकार पेड़ पौधे लगाए जाने के ज़ोर दे रहे हैं कि पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने की बात करती है वहीं दूसरी और इस क्षेत्र मे पेड़ों को नष्ट होते देख लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं
भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर कौंसिल मुकेरियां और एसडीएम से बताया गया है लेकिन कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई महासंघ का कहना है कि सड़क पर फैले कूड़े और वहां घुमते सांडों और आवारा कुत्तों के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है बच्चे ही नहीं बल्कि महिलाऐं और बुजुर्गों भी भय के माहौल में वहां से गुजरने को मजबूर है भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने मांग की है कि नगर कौंसिल मुकेरियां कमेटी और रेशम विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएं तथा धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था तुरंत बहाल की जाएं संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समाधान नहीं हुआ तो मानवाधिकार आयोग और कोर्ट तक मामला पहुंचाया जाएगा और जनहित में बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है

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