हिन्दी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूर्ण होने पर गोजए 30 मई को प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण के साथ बृहद गोष्ठी का करेगा आयोजन

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों व सामाजिक हस्तियों का होगा सम्मान

गोरखपुर। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (गोजए) के तत्वावधान में प्रेस क्लब गोरखपुर के सहयोग से 30 मई 2026 को भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में प्रेस क्लब गोरखपुर का शपथ ग्रहण समारोह, वरिष्ठ पत्रकारों एवं सामाजिक प्रतिभाओं का सम्मान तथा “पारंपरिक पत्रकारिता पर सोशल मीडिया का प्रभाव” विषय पर बृहद गोष्ठी आयोजित होगी।
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन 30 मई को प्रातः 10:30 बजे गोरखपुर क्लब सभागार में होगा। समारोह की अध्यक्षता विश्व के प्रमुख विद्वानों में शुमार प्रोफेसर अशोक जान्हवी प्रसाद करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉ. धर्मवृत तिवारी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोजए के प्रमुख संरक्षक डॉ. एसपी त्रिपाठी होंगे तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में संरक्षक जगदीश लाल अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। वहीं, “पारंपरिक पत्रकारिता पर सोशल मीडिया का प्रभाव” विषय पर गोष्ठी का विषय प्रवर्तन प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कुमार हर्ष करेंगे।
समारोह में लखनऊ से युवा पत्रकार राघवेंद्र सिंह ‘रघु’ एवं अखंड प्रताप शाही भी विशेष रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर पत्रकारिता एवं सामाजिक सरोकारों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को विभिन्न स्मृति सम्मानों से अलंकृत किया जाएगा।
डॉ. एसपी त्रिपाठी को “बाबू हरिहर प्रसाद स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, प्रसार भारती के डॉ. बृजेंद्र नारायण को “स्व. अरविंद शुक्ला स्मृति सम्मान”, शैलेंद्र श्रीवास्तव को “स्व. फुल नारायणधर द्विवेदी स्मृति सम्मान” तथा विजय उपाध्याय को “स्व. अशोक अज्ञात स्मृति विशिष्ट प्रतिभा सम्मान” प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा आकाशवाणी के उद्घोषक एवं युवा साहित्यकार मृत्युंजय उपाध्याय ‘नवल’ को “स्व. अरुण गोरखपुरी स्मृति प्रतिभा सम्मान” से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम में सामाजिक सरोकारों के लिए व्ययोवृद्ध किन्नर प्रेमा मौसी और वरिष्ठ हाकर पारस नाथ गुप्त को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा।
रत्नाकर सिंह ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता दिवस का यह आयोजन पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, सामाजिक दायित्व और बदलते मीडिया परिदृश्य पर गंभीर विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

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