433 गांव के भौमिक अधिकार से जुड़े आंदोलन ने पकड़ी रफ़्तार-जुगैल में जुटे हजारो मूल निवासी-दाखिल की जायेगी उच्च न्यायालय में याचिका
फोटो-जुगैल स्थित जिरही माता प्रांगण में कार्यक्रम को सम्बोधित करते संयोजक धर्मेंद्र सिंह
पूर्वा टाइम्स ब्यूरो
चोपन -सोनभद्र-परगना अगोरी,दुद्धी और सिंगरौली के 433 गांवों में गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट वर्ग 1-ख की भूमि को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार दिए जाने की मांग तेज होते जा रही है। रविवार को जुगैल स्थित जिरही माता प्रांगण में मूल निवासी अधिकार मंच के बैनर तले जुटे हजारों ग्रामीणों ने आर पार के संघर्ष का एलान किया। मंच के संयोजक धर्मेंद्र सिंह ने आंदोलन की आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि सभी प्रमुख मांगों को लेकर कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मामले में उच्च न्यायालय में पीआईएल दाखिल करने का भी एलान किया।
बैठक में मंच की ओर से तीनो परगना से जुड़े भूमि एवं राजस्व अभिलेखों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों की जमीन, मकान, आबादी, तालाब और सांस्कृतिक धरोहरों से संबंधित राजस्व अभिलेखों को सुरक्षित रखने तथा पूर्व में हुई सर्वे एवं अभिलेखीय कार्यवाही से उत्पन्न समस्याओं के समाधान की मांग रखी गई। इसके अलावा ग्रामीणों को खतौनी उपलब्ध कराने, स्थानीय मूल निवासियों को खनन गतिविधियों में अवसर देने तथा क्षेत्र के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का संचालन पूर्व ग्राम प्रधान महेश जायसवाल ने तथा अध्यक्षता बच्चा यादव ने किया। बैठक को ग्राम प्रधान राम प्रताप साहनी,जनार्दन बैसवार,राम सजीवन यादव,दिनेश यादव,जमुना यादव,प्रभुनाथ खरवार,दयाराम बैसवार,राम नारायण पांडेय, राम जियावन गोड,रामललित पांडेय,निर्भय कश्यप,अमरेश गुर्जर,राम प्रसाद खरवार आदि ने सम्बोधित किया।


