अब वैवाहिक आयोजनों के लिए नहीं जाना पड़ेगा शहर
सफरीपुर, अरंगी और कुदरी में जल्द शुरू होगा पंचायत उत्सव भवन का निर्माण, गेस्ट हाउस जैसी मिलेंगी सुविधाएं
पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए योगी सरकार ने 4.23 करोड़ रुपये किए स्वीकृत –
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र। ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-विवाह, पारिवारिक समारोह और सामुदायिक आयोजनों के लिए अब ग्रामीणों को शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। योगी सरकार की पहल पर गांवों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पंचायत उत्सव भवन विकसित किए जा रहे हैं। सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज और म्योरपुर विकासखंड की तीन ग्राम पंचायतों में पंचायत उत्सव भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। शासन की ओर से इनके निर्माण के लिए 4 करोड़ 23 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज विकासखंड की सफरीपुर और अरंगी तथा म्योरपुर विकासखंड की कुदरी ग्राम पंचायत में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। पंचायत उत्सव भवनों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मांगलिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं, कम खर्च में आयोजन
जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए अक्सर लोगों को निजी गेस्ट हाउस या शहर के मैरिज लॉन का सहारा लेना पड़ता है। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। पंचायत उत्सव भवन इस समस्या का स्थानीय स्तर पर समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। ग्रामीण इन भवनों का उपयोग साधारण यूजर चार्ज देकर कर सकेंगे। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक तरीके से अपने पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर मिलेगा। पंचायत उत्सव भवन केवल मांगलिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेंगे। इनका उपयोग ग्रामीण स्तर पर होने वाले सामुदायिक कार्यक्रमों, बैठकों और सामाजिक आयोजनों के लिए भी किया जा सकेगा। इससे गांवों में सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार होगा।
बिल्ली मारकुंडी में निर्माण शुरू
जिलाधिकारी ने बताया कि ओबरा विधानसभा क्षेत्र की बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कार्य जून माह में ही शुरू कराया जा चुका है। इस भवन का निर्माण नवंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद यहां के ग्रामीणों को भी स्थानीय स्तर पर मांगलिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए सुविधा उपलब्ध होगी।


