आनन्द कुमार चौबे सोनभद्र। काम की तलाश में रोजाना सड़क किनारे और खुले आसमान के नीचे घंटों इंतजार करने वाले दिहाड़ी श्रमिकों को अब मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार ने सोनभद्र में दो आधुनिक डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में सुकृत और डाला बाजार में बनने वाले इन केंद्रों पर सरकार तीन करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करेगी।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर दोनों केंद्रों के लिए भूमि का चयन कर निर्माण की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को भेज दिया गया है। ग्राम सुकृत में 253 वर्ग मीटर तथा डाला बाजार के वार्ड नंबर चार में 200 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।धूप-बारिश में खुले में इंतजार करने से मिलेगी निजातश्रमिक सुविधा केंद्रों का सबसे बड़ा उद्देश्य काम की तलाश में निकलने वाले दिहाड़ी मजदूरों को सड़क किनारे अथवा खुले स्थानों पर खड़े रहने की मजबूरी से राहत देना है। केंद्रों में श्रमिकों के लिए सुरक्षित प्रतीक्षालय और छायादार शेड बनाए जाएंगे, जहां वे गर्मी, बारिश और प्रतिकूल मौसम के दौरान सुरक्षित बैठकर काम मिलने का इंतजार कर सकेंगे।इसके अलावा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल और पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था होगी। इससे महिला श्रमिकों को भी काम की तलाश के दौरान जरूरी बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।मोबाइल चार्जिंग से पंजीकरण तक की सुविधासरकार की योजना इन केंद्रों को महज बैठने की जगह तक सीमित रखने की नहीं है। यहां बिजली, पंखे और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही श्रमिकों के पंजीकरण की सुविधा भी मिलेगी, जिससे उन्हें श्रम विभाग और भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।सरकारी योजनाओं की जानकारी का भी बनेगा केंद्रश्रमिक सुविधा केंद्र असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेंगे। यहां पंजीकृत श्रमिकों को उनके लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।ऐसे में इन केंद्रों के अस्तित्व में आने के बाद श्रमिकों को एक ही स्थान पर बैठने, पानी, शौचालय, बिजली और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।


