Sonbhadra News : विंध्य एक्सप्रेसवे की आहट के बीच जमीन की नई दरें लागू, किसानों की उम्मीदें बढ़ीं
आनन्द कुमार चौबे
सोनभद्र । प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण और किसानों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सोनभद्र में नई मूल्यांकन सूची को अंतिम रूप दिए जाने से किसानों की निगाहें एक बार फिर जमीन की दरों पर टिक गई हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ द्वारा जनहित, क्षेत्रीय परिस्थितियों और व्यावहारिकता को ध्यान में रखते हुए तैयार कराई गई नई मूल्यांकन सूची 16 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। खास बात यह है कि विंध्य क्षेत्र के ग्रामों में मूल्यांकन दरों में औसतन 5 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
विंध्य एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित परियोजना को लेकर जिन इलाकों में किसानों की जमीन प्रभावित होने की संभावना है, वहां मुआवजे को लेकर पहले से ही तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नई मूल्यांकन दरों में हुई बढ़ोतरी को किसान किस नजरिए से देखते हैं और प्रस्तावित अधिग्रहण में इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
कहीं राहत, कहीं 3 से 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी –
नई मूल्यांकन सूची में प्रशासन ने सभी क्षेत्रों में एक समान वृद्धि का रास्ता नहीं अपनाया है। जिलाधिकारी!चर्चित गोंड ने बताया कि सामान्य क्षेत्रों में जहां दरों में संशोधन की आवश्यकता नहीं महसूस हुई, वहां मूल्यांकन दरें यथावत रखी गई हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में संशोधन जरूरी पाया गया, वहां परिस्थितियों के आधार पर 3 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। विंध्य क्षेत्र के ग्रामों में जमीन की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 5 से 15 प्रतिशत तक औसत वृद्धि की गई है। प्रशासन का कहना है कि दरों को न तो अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया है और न ही क्षेत्रीय वास्तविकताओं की अनदेखी की गई है।
एक्सप्रेसवे की जद में आने वाले किसानों के लिए अहम होगी दर
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही किसानों के बीच सबसे बड़ा सवाल मुआवजे की दर को लेकर है। ऐसे में नई मूल्यांकन सूची का प्रभाव उन क्षेत्रों के किसानों के लिए विशेष महत्व रख सकता है, जहां परियोजना के लिए जमीन लिए जाने की संभावना है।
हालांकि किसी किसान को वास्तविक मुआवजा कितना मिलेगा, यह केवल मूल्यांकन दर पर निर्भर नहीं करेगा और संबंधित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, लागू नियमों और परियोजना के लिए तय मुआवजा प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होगा। बावजूद इसके, नई मूल्यांकन दरों में बढ़ोतरी ने इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।
16 सितंबर से लागू होगी नई दर –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि नई मूल्यांकन सूची को आवश्यक आपत्तियों एवं निस्तारण की प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप दिया गया है। रावर्ट्सगंज, दुद्धी, घोरावल और ओबरा उप निबंधक कार्यालयों के लिए तैयार सूची 16 सितंबर से प्रभावी होगी।
आमजन को नई दरों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए संबंधित तहसीलों के नोटिस बोर्ड पर संशोधित मूल्यांकन दरें प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर भी नई दरें उपलब्ध रहेंगी।
अब मुआवजे की अगली तस्वीर पर निगाहें –
विंध्य एक्सप्रेसवे को लेकर जमीन अधिग्रहण की संभावनाओं के बीच नई मूल्यांकन सूची ने किसानों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जिन किसानों की जमीन प्रस्तावित परियोजना में प्रभावित होने की आशंका है, उनकी नजर अब इस बात पर होगी कि अधिग्रहण के समय नई मूल्यांकन दरों और शासन के निर्धारित मुआवजा प्रावधानों का वास्तविक लाभ उन्हें किस रूप में मिलता है।
“बहरहाल प्रशासन ने नई मूल्यांकन सूची में क्षेत्रीय संतुलन और जनहित का दावा करते हुए कई क्षेत्रों में दरें यथावत रखी हैं, जबकि विंध्य क्षेत्र के गांवों में 5 से 15 प्रतिशत तक औसत बढ़ोत्तरी की है। अब प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर असली तस्वीर सामने आएगी और बड़ा सवाल यहीं रहेगा कि नई दरों की बढ़ोत्तरी किसानों की मुआवजे की चिंता को कितना कम कर पाती है।”


