आकाशीय बिजली से बचाव को सोनभद्र में बड़ी पहल, संवेदनशील गांवों में लगेंगे ताड़-खजूर के पौधे.

पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो

सोनभद्र -आकाशीय बिजली के खतरे से ग्रामीणों को बचाने की दिशा में सोनभद्र जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। वज्रपात संवेदनशील ग्राम पंचायतों में अब ताड़ और खजूर प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हित ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में कम से कम 100 पौधे लगाए जाएंगे। शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में वज्रपात की घटनाओं से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम कम करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। सेंसिंग सेंटर (NRSC) के विश्लेषण के आधार पर राज्य के चिन्हित वज्रपात संवेदनशील क्षेत्रों में पौधरोपण की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। इसी क्रम में सोनभद्र की चिन्हित ग्राम पंचायतों में भी अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

खेतों की मेड़ों पर लगाए जाएंगे पौधे-:

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि वीबी जी राम जी योजना के अनुमन्य प्रावधानों के अनुसार चयनित ग्राम पंचायतों में पौधरोपण कराया जाए। खेतों और फार्म की मेड़ों के साथ अन्य उपयुक्त स्थानों पर पाम यानी ताड़ एवं खजूर की उपयुक्त प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला उद्यान अधिकारी से तत्काल समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत ‘बरही’ और ‘सोना-100’ प्रजाति के पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। खंड विकास अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अभियान की निगरानी करेंगे तथा निर्धारित समयसीमा में पौधरोपण पूरा कराया जाएगा।

पौधरोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर-:

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और रख-रखाव की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर उपयुक्त स्थल का चयन, गड्ढों की खुदाई, पौधरोपण, सुरक्षा, सिंचाई और रोपण के बाद देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जिला उद्यान विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पौधों की उपलब्धता से लेकर रोपण और उनके संरक्षण तक की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश-:

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों और कार्यक्रम अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य वज्रपात संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम न्यूनीकरण के उपायों को प्रभावी बनाना है। इसके साथ ही पौधरोपण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण को भी बढ़ावा देने की योजना है।

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