तकनीक से सुदृढ़ होंगे सोनभद्र के विद्यालय, सीसीटीवी से शैक्षणिक गतिविधियों और सुरक्षा पर रहेगी नजर.पूर्वा टाइम्स -समाचार

सोनभद्र -जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों को सुरक्षित एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने तकनीक आधारित पहल शुरू की है। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कम्पोजिट विद्यालय कनच, पेढ़ एवं धुरकरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके माध्यम से विद्यालयों की विभिन्न गतिविधियों की प्रभावी निगरानी की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से विद्यालयों में होने वाली पठन-पाठन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति, समयबद्धता और बच्चों की नियमित उपस्थिति की भी निगरानी संभव होगी। इससे विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में सहायता मिलेगी। विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। बच्चों के विद्यालय परिसर में आने से लेकर छुट्टी होने तक होने वाली गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से की जा सकेगी। विद्यालय परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश, संदिग्ध गतिविधि अथवा किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। इसके अलावा मिड-डे-मील की व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जा सकेगी। भोजन तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया, रसोईघर की स्वच्छता तथा भोजन की गुणवत्ता से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सीसीटीवी मददगार होगा। विद्यालय परिसर, कक्षाओं और रसोईघर की साफ-सफाई के साथ-साथ विद्यालय की परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर भी नजर रखी जा सकेगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि तकनीक के माध्यम से निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। किसी प्रकार की अव्यवस्था सामने आने पर संबंधित स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना मजबूत होने के साथ विद्यालयी व्यवस्थाओं में भी सुधार आएगा। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की इस पहल का उद्देश्य केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक के बेहतर उपयोग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। आने वाले समय में ऐसी तकनीकी व्यवस्थाओं से जनपद के परिषदीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

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