बेलवनिया में तालाब की बन्धी टूटने से जलजमाव, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालकर पंचायत भवन पहुंचाया गया
मौके पर एसडीएम-पुलिस टीम तैनात, जल निकासी के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी
भोजन, राहत किट एवं चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित, स्थिति पर सतत निगरानी
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र – ग्राम बेलवनिया, तहसील घोरावल में मंगलवार को लगभग 200 से 250 बीघे क्षेत्रफल वाले नकटी निबहवा तालाब की बन्धी टूटने से गांव में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पानी बढ़ने से 11 परिवारों के घरों में पानी प्रवेश कर गया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर प्रशासन ने तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रशासनिक टीम ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर सर्वप्रथम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। पानी से प्रभावित सभी 11 परिवारों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी पंचायत भवन में अस्थायी रूप से ठहराया गया है, जहां उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
प्रभावित परिवारों में बबूंदर पुत्र नन्हकू, बाबूलाल पुत्र नन्हकू, बंधु पुत्र वीरे, हुकुम अली पुत्र अली कासी, अबू हुसैन पुत्र हमीद, तौलन पुत्र सादिक, आजाद पुत्र शमीउल्लाह, छोटेलाल पुत्र मक्खन राम, भरत लाल पुत्र पतिराम, नखडू पुत्र राम जियावन एवं अमृत लाल पुत्र रामविलास के परिवार शामिल हैं।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। जल निकासी का कार्य तेजी से कराया जाए तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मौके पर उप जिलाधिकारी घोरावल एवं पुलिस टीम मौजूद रहकर राहत कार्यों एवं स्थिति की निगरानी कर रही है। गांव में जमा पानी की निकासी का कार्य लगातार जारी है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आवश्यकता के त्वरित समाधान के लिए मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन एवं आवश्यक राहत किट की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है और उनका वितरण कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों एवं टीमों को मौके पर सक्रिय रखा गया है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव कार्य निरंतर जारी है।


