योगी सरकार की वंदन योजना से सोनभद्र के दो प्राचीन मंदिरों की बदलेगी तस्वीर
प्राचीन महावीर मंदिर और शीतला माता मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं के विकास को शासन की स्वीकृति
श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे दोनों प्राचीन मंदिर
जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
लगभग 4 करोड़ रुपए अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर खर्च किए जाएंगे
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र। योगी सरकार की वंदन योजना के तहत जनपद के दो प्राचीन धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने दुद्धी नगर पंचायत स्थित प्राचीन महावीर जी मंदिर और नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा स्थित मां शीतला माता मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए बजट स्वीकृत कर दिया है। दोनों मंदिरों के विकास से जहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं इन प्राचीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि दुद्धी नगर पंचायत स्थित प्राचीन महावीर जी मंदिर में 1.93 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। इसी तरह नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा स्थित मां शीतला माता मंदिर के लिए 1.99 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद अब विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बताया कि वंदन योजना के तहत दोनों मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिंक रोड का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर परिसरों में साज-सज्जा के साथ ही प्रकाश और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को मंदिरों तक पहुंचने और वहां रुकने में सहूलियत होगी। सुविधाओं के विस्तार से दोनों धार्मिक स्थलों की खूबसूरती भी बढ़ेगी।
सुविधाएं विकसित होने से बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शासन को भेजे गए प्रस्तावों के क्रम में दोनों मंदिरों के विकास के लिए स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूरे होने के बाद इन मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सोनभद्र प्राकृतिक संपदा के साथ ही धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी समृद्ध जनपद है। यहां बड़ी संख्या में प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जिनका अपना ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है। ऐसे स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विकास होने से स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।








