प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल धराशायी, शिक्षा विभाग मौन

गर्मी की छुट्टी में भी खुला पड़ा परिसर, पौधे बने चरागाह, सुरक्षा खतरे में।
पूर्वा टाइम्स -बेचन शर्मा
सहजनवा गोरखपुर। गीडा थाना शिक्षा के मंदिर की दीवारें ही जवाब दे गईं। विकासखंड पिपरौली के ग्राम सभा देईपार के प्राथमिक विद्यालय की पश्चिमी बाउंड्री– बाल गेट से लेकर उत्तरी छोर तक जमीनदोज हो गई है। लगभग 200 फीट से अधिक लंम्बी दीवार के गिरने से पूरा परिसर खुला पड़ा है।
बाउंड्री गिरने के बाद स्कूल का प्रांगण अब खुला मैदान बन गया है। यहां लगाए गए फूल-पत्तियों और छायादार पौधों को आवारा पशुओं ने चरागाह बना लिया है। मेहनत से लगाए गए पौधे नष्ट हो रहे हैं। विद्यालय का गेट तो साबुत है, पिलर भी मौजूद हैं, लेकिन ताला ही नहीं बन्द है। छुट्टी के दिनों में ये परिसर किसी के भी लिए खुला निमंत्रण बन गया है।
अभी गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। बच्चे और अध्यापक घर पर हैं। लेकिन गर्मी के मौसम में ही अगर बाउंड्री सामान्य हवा के झोंके से गिर जा रही है, तो निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। ये दीवार बच्चों की सुरक्षा की पहली लक्ष्मण रेखा होती है। वही लक्ष्मण रेखा भरभरा कर गिर पड़ी।
गर्मी की छुट्टी खत्म होते ही जब बच्चे वापस आएंगे, तब ये खुली बाउंड्री उनके लिए खतरा बन सकती है। क्योंकि बगल में तालाब है। जो हमेशा खतरा बना रहता है। खुले परिसर में आवारा पशुओं, असामाजिक तत्वों का आना-जाना बढ़ जाएगा। नन्हे बच्चों की सुरक्षा कौन करेगा।
बाउंड्री गिरे लगभग 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक मरम्मत के कोई आसार नहीं दिख रहे। शिक्षा विभाग और ग्राम पंचायत की लापरवाही साफ दिख रही है। सरकारी धन से बने निर्माण की ये हालत देखकर हर अभिभावक का मन दुखी है। बीएसए छपिया देवी प्रसाद से फोन से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई लेकिन फोन नहीं उठा अरे भाई यह मुख्यमंत्री का जनपद है यहां अधिकारी फोन नहीं रिसीव करना चाहते है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है की सरकार का हनक कितना अधिकारियों में है। सरकार को इस बिंदु पर ध्यान देना चाहिए।








