आईटीएम गीडा के छात्र का नवाचार: एक बटन दबाते ही जीआरपी को पहुंचेगा इमरजेंसी अलर्ट

पूर्वा टाइम्स -बेचन शर्मा
सहजनवा गोरखपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गीडा गोरखपुर के पॉलिटेक्निक द्वितीय वर्ष के छात्र सौरभ त्रिपाठी ने चलती ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अत्याधुनिक सैटेलाइट वायरलेस इमरजेंसी अलार्म सिस्टम बनाया है। इस तकनीक का उद्देश्य ट्रेन में होने वाली मारपीट, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा किसी भी प्रकार की हिंसात्मक घटनाओं के दौरान तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। छात्र सौरभ त्रिपाठी द्वारा विकसित यह तकनीक ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि यदि चलती ट्रेन में किसी महिला के साथ छेड़छाड़ होती है या किसी यात्री के साथ लड़ाई-झगड़े जैसी घटना घटती है, तो यात्री केवल एक बटन दबाकर ट्रेन में तैनात जीआरपी पुलिस को तुरंत अलर्ट भेज सकता है। इस अलार्म सिस्टम के माध्यम से संबंधित पुलिस कर्मियों के मोबाइल नंबर पर ट्रेन नंबर, कोच नंबर एवं यात्री की सीट संख्या जैसी महत्वपूर्ण जानकारी तत्काल पहुंच जाती है, जिससे समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
छात्र सौरभ त्रिपाठी ने यह भी बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में भी यह सिस्टम रेडियो सैटेलाइट तकनीक की सहायता से कार्य करता है। ऐसे में दूरदराज क्षेत्रों या कमजोर नेटवर्क वाले स्थानों पर भी ट्रेन में तैनात सुरक्षा कर्मियों तक कुछ ही क्षणों में इमरजेंसी संदेश पहुंचाया जा सकता है। यह तकनीक रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि इस उपकरण को तैयार करने में लगभग 20 दिनों का समय लगा तथा करीब 35 हजार रुपये की लागत आई। इस उपकरण के निर्माण में जीपीएस चिप, ब्लूटूथ मॉड्यूल, मिनी रेड लाइट इंडिकेटर, हाई फ्रिक्वेंसी रेडियो सिग्नल, डिस्प्ले, वाई-फाई कैमरा, बैटरी सहित कई आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया है।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने छात्र सौरभ त्रिपाठी द्वारा विकसित इस अभिनव ट्रेन यात्री इमरजेंसी हेल्प सिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि देश को विकसित बनाने में नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों के छोटे-छोटे विचार ही आगे चलकर बड़े आविष्कार का रूप लेते हैं। ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को हर संभव सहयोग एवं उचित मंच प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अपने नवाचारों के माध्यम से समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
छात्रों की इस उपलब्धि पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल सहित संस्थान के सभी शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।








