योगी सरकार के प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं के हुनर को मिलेगा बाजार, सोनभद्र के सरस मेले में दिखेगी महिला उद्यमिता की ताकत
दीपावली पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को होगी अच्छी कमाई, चार नवंबर से राबर्ट्सगंज के डायट परिसर में शुरू होगा सरस मेला
40 स्टॉल पर बिकेंगे बकरी के दूध से बने साबुन से लेकर श्रीअन्न के उत्पाद
उत्पादों के प्रचार-प्रसार, बिक्री और नए ग्राहक जोड़ने का मिलेगा अवसर
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके हुनर को रोजगार और बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योगी सरकार की मंशा है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने उत्पादों की पहचान बनाकर उन्हें एक सफल कारोबार में बदल सकें। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से सोनभद्र में तीन दिवसीय सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। चार नवंबर से राबर्ट्सगंज स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में शुरू होने वाले इस मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के 40 स्टॉल लगाए जाएंगे। दीपावली के त्योहार को देखते हुए यह मेला महिलाओं के लिए बेहतर आमदनी का अवसर लेकर आएगा।
स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार, दिखेगी उत्पादों की विविधता
सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के हुनर, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का मंच बनेगा। यहां स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगी। मेले में सोन अर्थ ब्रांड के उत्पाद, बकरी के दूध से तैयार साबुन, श्रीअन्न आधारित खाद्य उत्पाद, फूल झालर, इलेक्ट्रॉनिक झालर, पंचगव्य से तैयार लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, दीपक व धूपबत्ती, बांस से तैयार आकर्षक उत्पादों समेत स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर से तैयार विभिन्न उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र होंगे। दीपावली के अवसर पर खरीदारी करने पहुंचने वाले लोगों को इन उत्पादों की विविधता देखने और स्थानीय उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा।
महिलाओं को मिलेगा नए ग्राहक जोड़ने का अवसर
एनआरएलएम के उपायुक्त रवींद्र वीर ने बताया कि योगी सरकार ग्रामीण महिलाओं को केवल स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता और बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। सरस मेले के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा। इससे उनके उत्पादों की पहचान बढ़ेगी और नए ग्राहक भी जुड़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके कई तरह के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं। जरूरत है कि इन उत्पादों को उचित बाजार और पहचान मिले। सरस मेला इसी दिशा में एक प्रभावी माध्यम है। इससे महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के साथ ही उत्पादन को बड़े स्तर पर ले जाने का प्रोत्साहन मिलेगा।
महिला उद्यमिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। जब महिलाएं अपने हुनर को कारोबार में बदलती हैं तो परिवार की आमदनी बढ़ने के साथ गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। सरस मेले के जरिए स्थानीय हुनर और महिला उद्यमिता को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन के अनुरूप ऐसे आयोजन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
