सोनभद्र में बिछेगा सड़कों का जाल, उद्योगों को मिलेगी रफ्तार

औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत सोनभद्र में बनेंगी सबसे ज्यादा सड़कें

योगी सरकार ने दी सड़क निर्माण के 22 प्रस्तावों को मंजूरी, जिनमें 6 सोनभद्र के

202 करोड़ रुपये से होगा 127 किलोमीटर सड़कों निर्माण

जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के प्रयासों से मिली सफलता

पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -प्रदेश की योगी सरकार औद्योगिक विकास की दिशा में युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को लगाने के साथ-साथ सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत सरकार ने सड़क निर्माण के 22 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। इन 22 प्रस्तावों में सबसे ज्यादा 6 प्रस्ताव सोनभद्र के हैं। इसके तहत लगभग 202 करोड़ रुपये खर्च कर छह सड़कों (कुल 127 किमी.) का निर्माण किया जाएगा। यह उपलब्धि जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की ओर से किए गए समयबद्ध प्रयासों का नतीजा है, जो सोनभद्र के विकास को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए सरकार ने दूसरे जनपदों से जोड़ने वाली छह सड़कों के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि शासन ने औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत सड़क निर्माण के कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। इन प्रस्तावों में सोनभद्र के सबसे ज्यादा 6 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुर्धवा- म्योरपुर-बभनी-चपकी-बीजपुर मार्ग का निर्माण 36.75 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। नधिरा-धरतिडाड मार्ग का निर्माण 1.20 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। वहीं, वाराणसी-शक्ति नगर स्टेट हाइवे का निर्माण का 41.79 करोड़ रुपये से कराया जाएगा। इसी तरह, डिबुलगंज-जोगेन्द्रा मार्ग का निर्माण 48.38 करोड़ रुपये, आरएस रोड से कोदरा टोला मार्ग तक सड़क का निर्माण 18.53 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। चोपन-कोटा-कोन-करौंदी मार्ग का निर्माण 55.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण से जुड़े सभी संबंधित विभागों द्वारा सर्वे इत्यादि कार्यों को त्वरित गति से संपन्न किया गया। जिसके चलते जनपद में 6 सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है।
कनेक्टिविटी से उद्योगों को लगेंगे पंख’
जिलाधिकारी ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। सड़क निर्माण के संबंध में जल्द टेंडर प्रक्रिया संपन्न कराने के साथ ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई का समय और लागत (लॉजिस्टिक्स कॉस्ट) कम हो जाएगी। प्रस्तावित सड़कों के निर्माण का लाभ उद्योगों के साथ-साथ आम-जनमानस को भी मिलेगा। अभी आवागमन में काफी समय लगता है लेकिन सड़क निर्माण के बाद मिनटों में यह सफर तय किया जा सकेगा साथ ही मार्ग में होने वली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
इन सड़कों के निर्माण प्रस्ताव को भी जल्द मिलेगी स्वीकृति
जिलाधिकारी ने बताया कि औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना 2026-27 के तहत स्वीकृति के लिए जनपद की 5 सड़कों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। जिन्हें जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि डाला खन्ना कैंप से बिल्ली रोड़ तक टू लेन सड़क, खड़िया से तेलगढ़वा पुल (शक्तिनगर बार्डर) तक टू लेन सड़क व चुर्क सीमेंट फैक्ट्री तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए दो लिंक रोड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। भेजे गए प्रस्तावों में ओबरा डिग्री कॉलेज से नगर पंचायत, कार्यालय ओबरा तक सड़क के निर्माण के लिए प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा 16 करोड़ रुपये की लागत से मीना बाजार घुरमा फीडर से कुनिअवां टोला मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।

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