सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पत्रकार ने की 10 लाख की ठगी

फर्जी नियुक्ति पत्र देने का देवरिया की युवती ने लगाया आरोप
पूर्वा टाइम्स- डॉ अनिल गौतम
गोरखपुर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बांसगांव थाना क्षेत्र में देवरिया की एक युवती से सचिवालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी करने और फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने के आरोप में पुलिस ने एक पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दिये गये तहरीर के अनुसार देवरिया जिले की निवासी खुशी यादव ने बांसगांव थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके परिचित पत्रकार विनय तिवारी उर्फ विपिन तिवारी निवासी कौडीराम ने उन्हें लखनऊ सचिवालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपी ने अपनी पहुंच और संपर्कों का हवाला देते हुए नौकरी सुनिश्चित कराने का दावा किया और इसके बदले बड़ी रकम की मांग की।पीड़िता का आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी ने उनसे कुल 10 लाख रुपये वसूल लिए। इसमें 3.50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जबकि 6.50 लाख रुपये नकद दिए गए थे।खुशी यादव के मुताबिक 14 अप्रैल 2026 को आरोपी ने उन्हें सचिवालय का कथित नियुक्ति पत्र सौंपते हुए लखनऊ जाकर जॉइन करने के लिए कहा। जब वह नियुक्ति पत्र लेकर सचिवालय पहुंचीं तो वहां अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। जांच में नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया। इसके बाद युवती को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। तब जाकर मैने देवरिया और बांसगांव थाना में मामला दर्ज कराया। इस संबंध में पत्रकार विनय तिवारी का कहना है कि उन्हें मानव सेवा शिक्षा संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता ने इस महिला के माध्यम से फंसाने का काम किया है, मैं निर्दोष हूं। मामले की शिकायत मिलने पर बांसगांव पुलिस ने आरोपी विनय तिवारी उर्फ विपिन तिवारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।








