नीति आयोग से मिली ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि से सोनभद्र में स्थापित हुई महर्षि आर्यभट्ट ‘एस्ट्रो लैब’
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी में किया एस्ट्रो लैब का लोकार्पण
निपुण भारत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पर तृतीय स्थान प्राप्त करने पर नीति आयोग ने जनपद को दी थी प्रोत्साहन राशि
सीएसआर फंड से जनपद के अन्य विद्यालयों में भी स्थापित की जाएंगी एस्ट्रो लैब, जिलाधिकारी ने दिए निर्देश*
एस्ट्रो लैब से विद्यार्थियों में विकसित होगी वैज्ञानिक सोच, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा लाभ
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र। जनपद में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी, रॉबर्ट्सगंज में स्थापित महर्षि आर्यभट्ट ‘एस्ट्रो लैब’ का लोकार्पण जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि जनपद सोनभद्र को डेटा-आधारित निपुण भारत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पर तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए नीति आयोग द्वारा सम्मानित किया गया था। इस उपलब्धि के तहत जनपद को ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी। इसी धनराशि से विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने तथा विद्यालय में नवाचारपूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से महर्षि आर्यभट्ट ‘एस्ट्रो लैब’ की स्थापना की गई है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जनपद को सम्मानित किया जाना अधिकारियों एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि के तहत प्राप्त प्रोत्साहन राशि का उपयोग विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए करना एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि एस्ट्रो लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अंतरिक्ष की अवधारणाओं को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय मॉडल, विभिन्न गतिविधियों एवं प्रयोगात्मक अनुभवों के जरिए समझने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, समस्या-समाधान की क्षमता तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि महर्षि आर्यभट्ट ‘एस्ट्रो लैब’ विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान, सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों एवं अंतरिक्ष विज्ञान की मूल अवधारणाओं को सरल और रोचक ढंग से समझने में सहायक होगी। गतिविधि-आधारित शिक्षण से बच्चों में प्रश्न पूछने, अवलोकन करने, तार्किक ढंग से सोचने तथा नई चीजें सीखने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनपद की शैक्षिक उपलब्धियों का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार से जुड़ने के बेहतर अवसर प्राप्त हों।
उन्होंने यह भी कहा कि सीएसआर फंड के माध्यम से जनपद के अन्य विद्यालयों में भी एस्ट्रो लैब स्थापित करने की कार्रवाई शीघ्र की जाएगी, ताकि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके। इस पहल से विद्यालयों में सीखने का वातावरण अधिक रोचक, व्यावहारिक एवं बाल-केंद्रित बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि डेटा-आधारित मॉनिटरिंग का वास्तविक महत्व तभी है, जब उससे प्राप्त निष्कर्षों एवं उपलब्धियों को धरातल पर सकारात्मक बदलाव में परिवर्तित किया जाए। निपुण भारत मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पर जनपद की उपलब्धि के फलस्वरूप प्राप्त प्रोत्साहन राशि से एस्ट्रो लैब की स्थापना करना परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण का उदाहरण है। साक्ष्य-आधारित निर्णय एवं संसाधनों का सुनियोजित उपयोग विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसरों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

