ओबरा नगर पंचायत की 30–35 गाड़ियों पर बिना नंबर प्लेट चलने का आरोप, यातायात नियमों के पालन पर उठे सवाल.
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र -नगर पंचायत ओबरा से जुड़ी करीब 30 से 35 गाड़ियों के बिना नंबर प्लेट सड़कों पर दौड़ने का आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर यातायात नियमों के पालन और सरकारी विभागों की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जहां आम नागरिकों को यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, वहीं नगर पंचायत से जुड़ी गाड़ियों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, वाहनों की संख्या और उनकी पंजीकरण स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नगर पंचायत से जुड़ी इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रही हैं, तो उनके संचालन की अनुमति किस स्तर से दी गई है। क्या इन वाहनों का पंजीकरण कराया गया है? यदि पंजीकरण है, तो नंबर प्लेट क्यों नहीं लगाई गई हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यातायात नियमों के तहत सड़कों पर चलने वाले वाहनों की पहचान और उनके वैध दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं। नंबर प्लेट के माध्यम से वाहन की पहचान करने और नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई करने में मदद मिलती है। ऐसे में सरकारी कार्यों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर भी नियमानुसार नंबर प्लेट और आवश्यक दस्तावेज होना जरूरी है। इस मामले में जिला पुलिस, यातायात विभाग और जिला प्रशासन से वाहनों की स्थिति का सत्यापन कराने की मांग उठाई गई है। मांग है कि नगर पंचायत परिसर में संचालित वाहनों की संख्या, पंजीकरण प्रमाणपत्र, नंबर प्लेट और अन्य वैध दस्तावेजों की जांच कराई जाए। यदि जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित वाहन चालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मामले ने सरकारी विभागों में नियमों के पालन और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आम नागरिकों से नियमों का पालन कराने वाली व्यवस्था में सरकारी वाहनों की जांच भी समान रूप से होनी चाहिए।
फिलहाल, नगर पंचायत की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने आने की जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और यातायात विभाग मामले का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या नहीं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने वाहन बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रहे हैं और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।

