गुलाब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने की जिलाधिकारी से मुलाकात
इंटरनेशनल ट्रेड शो में रोजाना मॉल के साथ हुए एमओयू पर दी बधाई
शुद्ध सरसों तेल, रागी उत्पाद और शहद की बिक्री को मिलेगा बड़ा बाजार
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र। नोएडा में आयोजित चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेडशो में सोनभद्र के करमा विकासखंड के गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे शुद्ध सरसों तेल, रागी उत्पाद और शहद को अब बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए रोजाना मॉल के साथ एमओयू हुआ है। इस समझौते के बाद समूह के उत्पादों की बिक्री और विपणन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इसी क्रम में सोमवार को गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से मुलाकात की। महिलाओं ने इंटरनेशनल ट्रेडशो में रोजाना मॉल के साथ हुए एमओयू की जानकारी जिलाधिकारी को दी। साथ ही समूह के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की पहल के लिए प्रसन्नता व्यक्त की।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने समूह की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनपद में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्वयं सहायता समूह और रोजाना मॉल के बीच साइन हुए एमओयू से महिलाओं की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे। कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से महिलाओं को मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा।
बड़े बाजार से जुड़ने के बाद समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गौरतलब है कि चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह और रोजाना मॉल के बीच उत्पादों की बिक्री को लेकर एमओयू साइन हुआ था। इसके तहत समूह की महिलाओं द्वारा तैयार शुद्ध सरसों तेल, रागी से बने उत्पाद और शहद को बड़े बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।एमओयू से समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग, व्यापक ग्राहक वर्ग और नियमित बिक्री का अवसर मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को भी मजबूती मिलेगी।

