भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर पंचायत सचिव और साथियों ने फरियादी को पीटा, जातिसूचक शब्द कहा

​गोरखपुर। जिले के बांसगांव क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना एक फरियादी को भारी पड़ गया। आरोप है कि शिकायत की जांच के सिलसिले में विकास खंड कार्यालय पहुंचे फरियादी और उसके गवाहों के साथ ग्राम पंचायत सचिव और उनके साथियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि जातिसूचक गालियां देकर जान से मारने की धमकी भी दी।
​फरियादी ओंकारनाथ पांडेय, जो ग्राम-फुलहर खुर्द का निवासी है, ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO), गोरखपुर को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि ग्राम पंचायत सचिव रामपलट यादव ने आवास दिलाने के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये लिए थे। न तो उन्हें आवास मिला और न ही रुपये वापस किए गए। इस संबंध में ओंकारनाथ ने 15 मई 2026 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया था।जांच के दौरान हुआ हमला ओंकारनाथ के अनुसार, उक्त मामले की जांच खंड विकास अधिकारी द्वारा की जा रही है। इसी सिलसिले में 5 जून 2026 को वह अपने दो गवाहों, बैजनाथ धोबी और मटैलू खटिक के साथ बांसगांव स्थित खंड विकास कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि कार्यालय के बाहर ग्राम पंचायत सचिव रामपलट यादव ने अपने साथी कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया।​जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और धमकी ​फरियादी का आरोप है कि रामपलट यादव और उसके साथियों ने मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं। विरोध करने पर आरोपी ने ओंकारनाथ को लात-घूंसों से पीटा। जब उनके गवाह उन्हें बचाने आए, तो आरोपियों ने उन्हें उनकी जाति का नाम लेकर पीटा।
​ओंकारनाथ ने बताया कि मारपीट में उन्हें काफी चोटें आईं और उनका चश्मा भी टूट गया। आरोपियों ने धमकाया कि शिकायत वापस ले लें और गवाही से हट जाएं, अन्यथा घर में घुसकर मार डालेंगे और हत्या करवा देंगे।
​फरियादी ओंकारनाथ का कहना है कि उन्होंने घटना की वीडियो और सूचना थाने पर दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

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