पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल में सुरु हुआ सड़क-हादसे में घायलों का “गोल्डन आवर” मुफ्त इलाज।

रोड एक्सीडेंट के बाद पता है गोल्डन ऑवर की अहमियत? बेहतर रिकवरी के साथ जान बचने का ज्यादा चांस।

पूर्वा टाइम्स – समाचार

सोनभद्र। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत (PM-RAHAT) योजना के तहत जनपद में कैशलेस उपचार शुरू किया गया है। योजना के अंतर्गत सड़क हादसे में घायल व्यक्तियों को गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के पहले महत्वपूर्ण घंटे में त्वरित व कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। बीते मंगलवार को घोरावल थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल 16 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र बेचू, निवासी धनावल गांव का पीएम राहत योजना के तहत इलाज किया जा रहा है। ग्राम प्रधान अरविंद निषाद ने तत्काल घायल को पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल पहुंचाया। सोमवार को यातायात क्षेत्राधिकारी डॉ. चारू द्विवेदी, पीएम राहत योजना नोडल डॉ. सुमन जायसवाल, डायरेक्टर पवित मौर्या, मां कुसुम फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार, सचिव कृष्ण कुमार यादव व कोषाध्यक्ष विनय कुमार यादव ने पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल पहुंचकर घायल युवक को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया व स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना योजना के तहत घायल को समुचित स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। अस्पताल पहुंचकर पीड़ित से स्वास्थ्य संबंधित जानकारी ली गई और लोगों को जागरूक किया गया। पीएम राहत योजना नोडल डॉ. सुमन जायसवाल ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचने पर तत्काल 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध है। यह सरकार की अच्छी योजना है। इसका प्रचार-प्रसार होना चाहिए ताकि समय पर घायल को अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया जा सके। योजना के तहत दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख तक का निःशुल्क इलाज मिलेगा। गंभीर मरीजों को प्राथमिक स्थिरीकरण उपचार भी दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद के चिन्हित अस्पतालों को योजना से जोड़ा जा रहा है। साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली ERSS के तहत 112 हेल्पलाइन से एंबुलेंस व त्वरित सहायता मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों व शहरी क्षेत्रों सहित सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। इससे घायलों को आर्थिक राहत के साथ समय पर बेहतर उपचार मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि “गोल्डन आवर” में इलाज मिलने से मृत्यु दर में कमी आएगी और गंभीर घायलों को नया जीवन मिल सकेगा।

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