सोनभद्र में चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का असर, बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता.

पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो

सोनभद्र में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मध्यम से तेज हवाओं के साथ हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल कई जगहों पर तेज हवाओं के चलते जमीन पर गिर गई है। वहीं, बारिश से कटी हुई फसल भी खराब होने की आशंका है। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत और उनकी उम्मीदों पर संकट खड़ा कर दिया है।
चक्रवाती तूफान अर्णब को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी देकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। तेज हवाओं, आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों तथा कमजोर भवनों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों तथा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
ग्राम सिंदुरिया निवासी पूर्व प्रधान एवं किसान रामनारायण पांडेय ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से उनकी करीब 20 बीघा धान की फसल में 75 प्रतिशत नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसल गिर गई है, जबकि तीन-चार दिन पहले काटकर रखी गई धान की फसल बारिश में भीगकर खराब हो गई। उन्होंने बताया कि अकेले उनकी खेती में करीब तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। गांव के 15 से 20 अन्य किसान भी इसी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर फसल बीमा और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विकास खंड चोपन पहुंचे एक अन्य किसान ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवाओं से धान की कटी फसल भीगकर खराब हो गई, जबकि खड़ी फसल खेतों में गिर गई है। 18 बीघा में धान की खेती से करीब ढाई से तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
उनके मुताबिक, क्षेत्र के लगभग 99 प्रतिशत किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर फसल बीमा और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है ।
उधर, कृषि विभाग ने भी बारिश को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, अत्यधिक बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसान अपने खेतों में जलभराव न होने दें और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें।
जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, उन्हें कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से उपज को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। वहीं, सरसों, चना और मटर की बुवाई कर रहे किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खेतों में पानी भरने या मिट्टी में जरूरत से ज्यादा नमी होने पर बीज खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार जरूरी कदम उठाने की अपील की गई है।
फिलहाल सोनभद्र में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को बचाना किसानों के सामने बड़ी चुनौती है, जबकि सरसों, चना, मटर और सब्जियों की फसलों पर भी नुकसान का खतरा बना हुआ है। ऐसे में अब सबकी नजर मौसम । के अगले रुख पर है। किसानों को जहां अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं जिला प्रशासन ने आमजन से सावधानी बरतने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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