कचनरवा बाजार में मीट विक्रेताओं के हौसलें बुलंद , खुलेयाम बेचा जा रहा है मीट
खुले में बिक रहा है मुर्गा, माँस मछली, हॉस्पिटल , बागेसोती रोड सहित मुख्य बाजार में लोगों का चलना हुआ दुश्वार
संक्रामक रोग फैलने का लोगों को सता रहा है डर, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र – कोन ओबरा तहसील क्षेत्र के कोन थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कचनरवा मुख्य बाजार इन दिनों अतिक्रमणकारियों व मुर्गा मछली के दुकानदारों की भेंट चढ़ गया। जिसके क्रम में पूर्व में कई बार खबर प्रकाशित हुई जिसके क्रम में संबंधित विभाग द्वारा सिर्फ कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता निभाया गया। ऐसा ही मामला शुक्रवार को देखने को मिला जहाँ आने जाने वाले लोगों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। इसी क्रम में बतादें कि कोन विंढमगंज मार्ग, कचनरवा बागेसोती मार्ग, हॉस्पिटल मार्ग इन दिनों मुर्गा मछली के दुकानदारों द्वारा सड़क पर कब्जा कर दुकान लगाया जा रहा है जो जनहित में उचित नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं किया जा रहा है जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसलें बुलंद है और लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि कचनरवा मुख्य बाजार से मुर्गा मछली के दुकान खाली कराने व अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है जिसके क्रम में खाद्य विभाग द्वारा कुछ महीनें पूर्व छापामारी की गयी जिसमें दो लोगों के उपर कार्रवाई की गयी किन्तु फिर भी अबैध मीट विक्रेताओं के हौसलें बुलंद है और खुलेयाम मुर्गा मछली बेचा जा रहा है। इसी तरह मिठाई, समोसा के दुकानदारों द्वारा सड़ी गली मिठाई, समोसा बेचा जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर किसके इशारे पर सड़क पर मुर्गा मछली बेचा जा रहा है । जबकि जनपद में संचारी अभियान चलाया जा रहा है और वहीं कचनरवा में अभियान फ्लाप साबित हो रहा है जहाँ गंदगी व बदबू से लोगों का जीना हो गया मुहाल। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में खुले में मांस की बिक्री न हो लेकिन संबंधित अधिकारी द्वारा कार्रवाई के नाम पर दो मीट विक्रेताओं के उपर किया गया और वहीं जिले के जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किये हुए हैं। बतादें कि माँस प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध है कोई भी दुकानदार खुले में मांस लटकाकर या प्रदर्शित करके नहीं बेच सकता और दुकानों पर मांस को खुले में लटकाना या प्रदर्शित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार दुकानों के सामने मोटे पर्दे या गहरे रंग का कांच लगाना अनिवार्य है ताकि बाहर से मांस दिखाई न दे और मांस बेचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर बिना लाइसेंस के मांस बेचने वालों पर भारी जुर्माने और दुकान सील करने व सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। लोगों का कहना है कि अवैध तरीके से सड़क किनारे मुर्गा मछली की दुकान लगाकर सड़क पर सरेयाम काटा जा रहा है। जिससे लोगों को आते जाते समय छीटे पड़ते हैं जिससे मारपीट गाली गलौज की संभावना बढ़ जा रही है। इसके अलावा लोगों को माँस मछली के दुर्गंध से क्षेत्र में भयानक रोग फैलने का डर सता रहा है। जानकारों का कहना है कि कोल्ड्रिंक ठंडा करने के नाम पर अबैध वसूली की जा रही है और वहीं स्थानीय दुकानदारों द्वारा लोगों के जेब में डाका डालने का कार्य किया जा रहा है जो न्याय संगत नहीं है। जिसके क्रम में अंकित,,प्रदीप, जोखन , बिहारी, सुनील, राजेश , रघुवर, सहित स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी व जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल सड़क पर खुले माँस बेचने पर प्रतिबंध लगाने एवं मानक विहीन दुकानदारों के उपर कठोर कार्यवाही की मांग किया है। इस बावत् जिला खाद्य एवं औषधि विभाग के डीओ से सेल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नहीं हो सका। अब देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन द्वारा अबैध माँस मछली व मिठाई दुकानदारों के उपर कौन सी कार्रवाई होती है या ठंडे बस्ते में चला जायेगा।









