जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएचसी की सभी मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने के निर्देश-जिलाधिकारी
प्रस्तुत करें संसाधन एवं मरम्मत का प्रस्ताव, मरीजों को मिले बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं-जिलाधिकारी
लापरवाही पर संबंधित एमओआईसी का वेतन रोकने की होगी कार्रवाई-जिलाधिकारी
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -जिला स्वास्थ्य समिति (शासन निकाय) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त चिकित्सा अधीक्षकों (एमओआईसी) को निर्देशित किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच संबंधी सुविधाओं, मूलभूत अवसंरचना, आवश्यक संसाधनों तथा भवनों की मरम्मत से संबंधित सभी आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्ताव एक दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी जांच उपकरण, भवन मरम्मत अथवा अन्य संसाधनों की आवश्यकता है, उसका प्रस्ताव तत्काल तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित समयावधि में प्रस्ताव उपलब्ध न कराने अथवा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एमओआईसी के विरुद्ध वेतन रोकने की संस्तुति भी की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आई०सी०डी०एस० विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के जनपद एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में होने वाली सभी डिलीवरी की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि डिलीवरी सरकारी चिकित्सालयों में हो रही है अथवा निजी अस्पतालों में। सभी आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की जानकारी संकलित कर उनसे नियमित संपर्क बनाए रखने तथा संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य केंद्रों पर कराए जाएं तथा इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राइवेट चिकित्सालयों के अतिरिक्त जो डिलेवरी घरो पर होती है उन सभी डिलेवरी की ट्रेकिंग की जाये सभी एमवाईसी इसके सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये तथा जो कर्मी साफ-सफाई के लिये नियुक्त किया गया है उसके कार्यों में लापरवाही पायी जाती है तो चयनित एजेंसी को सूचित कर तत्काल हटाये जाने की प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाये। लक्ष्य के सापेक्ष ए०एन०सी० पंजीकरण एवं प्रसव की समीक्षा आशा एवं ए०एन०एम० स्तर पर करते हुए स्थिति में सुधार लाया जाये। प्रत्येक माह हुए मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु की आडिट कराते हुए लाईन लिस्ट एवं आडिट रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। डी०पी०ओ० आई०सी०डी०एस० को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह ब्लाक स्तर पर सैम बच्चों की सूची सम्बन्धित अधीक्षक/प्रभारी चिकित्साधिकारी से साझा करते हुए बच्चों का उचित चिकित्सकीय प्रबन्धन कराते हुए सी०एच०ओ० के माध्यम से ई-कवच पोर्टल पर उपलोड कराना सुनिश्चित करें। आर0बी0एस0 के टीम द्वारा नियमित रूप से आशा आगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाय। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित रहें।









