मुख्यमंत्री अनुदान से गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में आपरेशन कर लगाई गई आर्टिफ़िशियल कस्टमाइज़्ड खोपड़ी की हड्डी

पूर्वा टाइम्स समाचार

गोरखपुर। 60 वर्ष के रामानंद जिनकी पिछले साल रोड एक्सीडेंट में ब्रेन हैमरेज हो गया था और सिर की हड्डी कई हिस्सों में टूट गई थी। इमरजेंसी की हालत में उनका ऑपरेशन किया गया और खोपड़ी की हड्डी को भी हटाना पड़ा था। जैसे तैसे कर के मरीज़ की जान बचाई गई परंतु सिर का बायीं ओर का हिस्सा हड्डी न होने के कारण गढ्ढे नुमा बन गया था। मरीज़ के परिजन सिर के इस मर्ज़ का इलाज कराने गुरु गोरखनाथ अस्पताल पहुँचे। न्यूरोसर्जन डॉ सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि इसका इलाज संभव है और खोपड़ी की हड्डी लग सकती है लेकिन आर्टिफ़िशियल बोन लगाना होगा। आमतौर पर यह आर्टिफ़िशियल बोन 1-2 लाख में बनती है। मरीज़ के परिजन इसे बनवाने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थे। अस्पताल प्रबंधन के प्रयासों से मरीज़ को मुख्यमंत्री अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई और 3D CT स्कैन किया गया। इस तकनीक से मरीज़ की खोपड़ी के उस हिस्से को 3D reconstruction के द्वारा PEKK पॉलिमर से बनाया गया जो कि पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी होता है।
इस पॉलीमर से बनी हड्डी को आपरेशन द्वारा टाइटेनियम के प्लेट और पेंच से जोड़ा गया। इस सर्जरी में लगभग तीन घंटे का समय लगा। डॉ सौरभ के साथ सर्जरी की टीम में डॉ संजय दीक्षित डॉ श्रेया, नवल कुमार और विशाल थे। मरीज़ के परिजनों ने यह जटिल ऑपरेशन निःशुल्क कराने के लिए चिकित्सकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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