भारतीय संस्कृति का संरक्षण मातृशक्तियों द्वारा ही होना है – रश्मि
मातृ भारती गठन एवं सम्मेलन सम्पन्न
पूर्वा टाइम्स समाचार


गोरखपुर। सरस्वती बालिका विद्यालय में भारत की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दिगम्बर जैन रानी अबक्का की 500 वी. शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मातृ भारती गठन एवं सम्मेलन का अयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आदरणीया डॉ० शैल पाण्डेय, अध्यक्ष, सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुण्ड, गोरखपुर, डॉ० नीना अस्थाना, मंत्री] सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुण्ड, गोरखपुर, डॉ० स्मृति मल्ल, असिस्टेन्ट प्रोफेसर, वनस्पति विभाग दी०द०उ०गो०वि०गोरखपुर, तथा श्री राज बिहारी विश्वकर्मा, निदेशक, सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुण्ड, गोरखपुर जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया। प्रधानाचार्या जी के द्वारा आगत अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया।
प्रधाचाचार्या जी ने मातृ सम्मेलन कराने के उद्देश्य पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना, उन्हें जागरूक बनाना और माता बहनों को सशक्त बनाना है। यह सम्मेलन शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी जोर देना है। जिससे बच्चें आदर्श नागरिक बनसके। इसके अलावा यह सम्मेलन माता बहनों को विभिन्न विषयों पर जानकारी और मार्ग दर्शन प्रदान करता है जिससे वे अपने बच्चों और परिवार के लिए बेहतर निर्णय ले सकें।
मातायें ही संस्कृति की संरक्षक है। भारतीय संस्कृति का संरक्षण मातृशक्तियो द्वारा ही होना है। सनातन जीवन मूल्यों के पोषण में भारतीय नारी का महत्वपूर्ण योगदान है। एक बालिका दो परिवार को शिक्षित करती है। आज परिवार व्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है। पारिवारिक मूल्यों की समझ विकसित करना ही मातृ सम्मेलन का उद्देश्य है। 21 वी शताब्दी में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव इतनी तेजी से बढ रहा है जिसका दुष्परिणाम तलाक, लिंग परिवर्तन तथा पारिवारिक विघटन है । रानी अबक्का देवी भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी रहीं जिसने 500 साल पहले पुर्तगालियों को नाको चने चबवा दिए। उनकी वीरता और साहस को आज भी कर्नाटक में याद किया जाता है। ऐसी रानी अबक्का देवी जी के जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए सभी बालिकाओं को अपने जीवन की दशा व दिशा सुनिश्चित करना चाहिए। भारत के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय की छात्रा बहनों द्वारा स्वागत गीत व नृत्य प्रस्तुत किया गया। मुख्य वक्ता डॉ० नीना अस्थाना जी ने अपने उद्धबोधन में कहा कि जब शिक्षा संस्कारों के साथ जुडती है तब वह हमें अच्छे इंसान बनने की दिशा में मार्गदर्शन करती है। माताओं के सुन्दर जीवन निर्माण में माँ की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय प्रबन्ध समिति की अध्यक्ष डॉ० शैल पाण्डेय जी ने समस्त मनोनीत पदाधिकारी माताओं को उनके पद तथा कर्तव्य पालन की शपथ दिलायी। कार्यक्रम की प्रमुख श्रीमती अर्चना त्रिपाठी द्वारा समागत अतिथियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया गया । कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ किया गया। मातृ सम्मेलन के अवसर पर माताओं को विभिन्न पद प्रदान किया गया ।संरक्षिका डॉ० शैल पाण्डेय संयोजिका श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव प्रधानाचार्या, अध्यक्ष अलका श्रीवास्तव उपाध्यक्ष रजनी बक्शी मंत्री उमा भट्ट, सहमंत्री शशि राजभर, कोषाध्यक्ष रीतू उपाध्याय, सूचना मंत्री बबीता गुप्ता, स्वच्छता एवं पर्यावरण मंत्री उषा सिंह, विज्ञान मंत्री गुड्डी शर्मा, पर्यटन मंत्री मंजू मिश्रा, कार्यक्रम मंत्री एकता गुप्ता, संस्कृति संरक्षण मंत्री दीपा मिश्रा, शिक्षा एवं विकास मंत्री ममता जायसवाल, शिल्पकला कौशल मंत्री मंजू पाण्डेय, चिकित्सा मंत्री सपना सिंह, बालिका शिक्षा मंत्री मोनी गुप्ता।








