नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया ‘सेवा भाव’ सत्र में भाग
जिलाधिकारी ने अधिकारियों-कर्मचारियों को संवेदनशीलता, तत्परता और सेवा-भाव के साथ कार्य करने पर दिया जोर
जनसेवा में सहानुभूति और नागरिकों की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश
पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो
सोनभद्र। शासन के निर्देशों के क्रम में 07 अक्टूबर, 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक IGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर आयोजित सेवा भाव’ सत्र में जनपद के जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिक-केन्द्रितता, सेवा-भाव, सहानुभूति, तत्परता तथा नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण को मजबूत करने से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की। सत्र का उद्देश्य शासकीय कार्यों एवं जनसेवा में नागरिकों की आवश्यकताओं और संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भावना को और सुदृढ़ करना रहा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शासकीय सेवा का मूल उद्देश्य जनसेवा है। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ करें तथा आमजन की समस्याओं के समाधान में नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि जनसामान्य से जुड़े कार्यों में सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार, त्वरित कार्यवाही और प्रभावी समाधान प्रशासन की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यों के माध्यम से आमजन में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करें।
उल्लेखनीय है कि IGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया जाता रहा है। ‘सेवा भाव’ सत्र भी इसी क्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों में जनसेवा की भावना को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

