विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साप्ताहिक निरीक्षण के लिए टीम गठित करने के निर्देश

मिड-डे मील की गुणवत्ता में लापरवाही पर होगी जिम्मेदारी तय

विद्यालयों के साप्ताहिक निरीक्षण के लिए गठित होगी अधिकारियों की टीम

माध्यमिक विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, आईटीआई एवं डिग्री कॉलेजों की भी हुई समीक्षा

पूर्ण टाइम्स – समाचार

सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज जनपद के विद्यालयों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने एवं शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय को निर्देशित किया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था के साथ पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में सुविधाओं के अभाव में बच्चों के पठन-पाठन पर किसी भी दशा में प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी को निर्देशित किया कि जनपद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रभावी निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम गठित की जाए। टीम में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं खंड शिक्षा अधिकारी को शामिल करते हुए विद्यालयों का साप्ताहिक निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं, मिड-डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का गहनता से सत्यापन किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी विद्यालय में अनियमितता, लापरवाही अथवा व्यवस्थाओं में कमी पाई जाती है तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने माध्यमिक विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, आईटीआई संस्थानों एवं डिग्री कॉलेजों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं प्रशिक्षण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने संस्थानों का नियमित अनुश्रवण करते हुए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा के प्राचार्य प्रमोद कुमार सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण के माध्यम से विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना सुनिश्चित करें।

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