डीएम के स्थलीय निरीक्षण में खुली स्टाम्प शुल्क की गड़बड़ी, करीब रूपये 12 लाख की कमी मिली

कृषि दर पर कराया गया था संपत्तियों का मूल्यांकन, मौके पर मिला आवासीय उपयोग व निर्माण

लोढ़ी और सहिजन खुर्द में बैनामों की जांच, वास्तविक स्थिति के आधार पर कराया गया पुनर्मूल्यांकन

स्टाम्प शुल्क की कमी की नियमानुसार वसूली के निर्देश, राजस्व संरक्षण के लिए आगे भी जारी रहेगा स्थलीय सत्यापन –

पूर्वा टाइम्स – समाचार

सोनभद्र -संपत्तियों के पंजीयन में वास्तविक स्थिति के अनुरूप मूल्यांकन और निर्धारित स्टाम्प शुल्क सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज खुद मौके पर पहुंचकर बैनामों की जांच की। ग्राम लोढ़ी और सहिजन खुर्द में किए गए स्थलीय निरीक्षण में दो प्रकरणों के पुनर्मूल्यांकन पर करीब रूपयं 12 लाख की स्टाम्प शुल्क कमी सामने आई। जिलाधिकारी ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन एवं उप जिलाधिकारी रावर्टसगंज आशीष कुमार त्रिपाठी, सम्बन्धित लेखपालों के साथ संबंधित संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान बैनामों में दर्ज विवरण के साथ भूमि की वास्तविक स्थिति, वर्तमान उपयोग, निर्माण, संपर्क मार्ग, आसपास हुए विकास तथा क्षेत्र में संपत्तियों के अन्य विक्रयों की स्थिति का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि कुछ संपत्तियों का मूल्यांकन कृषि दर के आधार पर किया गया था, जबकि मौके पर आवासीय उपयोग एवं निर्माण पाया गया। वास्तविक स्थिति और आसपास के क्षेत्र में हुए विक्रयों को आधार बनाकर दोनों प्रकरणों का पुनर्मूल्यांकन कराया गया तो देय स्टाम्प शुल्क की तुलना में लगभग रूपये 12 लाख की कमी पाई गई। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थलीय जांच में सामने आए तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर स्टाम्प शुल्क की कमी की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संपत्तियों के पंजीयन के समय उनकी वास्तविक स्थिति और निर्धारित मूल्यांकन दरों का सही अनुपालन कराया जाए, ताकि शासकीय राजस्व की क्षति न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि स्टाम्प शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता और शासकीय राजस्व के संरक्षण के लिए संपत्तियों का स्थलीय सत्यापन आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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