सोनभद्र दुद्धी में विश्व हिंदू महासंघ और किन्नर समाज ने धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव लगा विशाल भंडारा
महामंडलेश्वर मां किरण नंद गिरी की उपस्थिति व किन्नर प्रकोष्ठ राधा नंद गिरी के नेतृत्व में किन्नर समाज ने एकजुट होकर की गुरु पूजा
भगवान शिव को जगद्गुरु मानकर की गई विशेष आराधना अर्धनारीश्वर रूप की महिमा पर डाला गया प्रकाश
महर्षि वेद व्यास जी की जयंती व्यास पूर्णिमा पर गुरु मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ पूजन मातृशक्ति जिलाध्यक्ष ममता सोनी व कजरी किन्नर सहित पूरा समाज रहा मौजूद
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -जनपद के दुद्धी क्षेत्र में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों तथा किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भव्य पूजा-अर्चना एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री श्री 1008 श्री महामंडलेश्वर मां किरण नंद गिरी (विश्व हिंदू महासंघ क्षेत्रीय अध्यक्ष – काशी एवं प्रयागराज मंडल) की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं, सोनभद्र के किन्नर प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राधा नंद गिरी के नेतृत्व व पावन सानिध्य में गुरु पूजन संपन्न हुआ। गुरु पूर्णिमा के इस पवित्र अवसर पर महामंडलेश्वर मां किरण नंद गिरी एवं उपस्थित संपूर्ण किन्नर समाज ने पूरे विधि-विधान से गुरु चरणों का पूजन किया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर मां किरण नंद गिरी ने भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का स्मरण कराते हुए कहा शिव ही सर्वोपरि गुरु हैं। सनातन परंपरा में भगवान शिव को ही आदि गुरु और जगत का सच्चा मार्गदर्शक माना गया है।भगवान शिव का अर्धनारीश्वर रूप प्रकृति और पुरुष के अभेद संबंध तथा समाज में हर जीव की समानता का प्रतीक है। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर मां किरण नंद गिरी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सनातन संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो आषाढ़ माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह दिन गुरुओं, आचार्यों और मार्गदर्शकों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी पावन तिथि को चारों वेदों का विभाग करने वाले, 18 पुराणों और महाभारत की रचना करने वाले महर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। इसलिए वे मानव जाति के प्रथम गुरु माने जाते हैं। वक्तव्य के अंत में उन्होंने गुरु महिमा के पवित्र मंत्र का उच्चारण करते हुए अर्थ समझाया। गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर।
गुरु साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नम॥
(अर्थात: गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव का स्वरूप हैं। गुरु ही साक्षात परब्रह्म हैं, ऐसे श्री गुरुदेव को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम।) कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण सोनभद्र एवं दुद्धी क्षेत्र से आए किन्नर समाज के सदस्यों ने एकजुट होकर गुरु पूर्णिमा की पूजा-अर्चना की और समाज के कल्याण एवं मंगल की कामना की। इस अवसर पर किन्नर प्रकोष्ठ राधा नंद गिरी, विश्व हिंदू महासंघ की मातृशक्ति जिलाध्यक्ष सोनभद्र ममता सोनी, कजरी किन्नर, पूजा किन्नर (किन्नर प्रकोष्ठ महामंत्री), चमेली सोनी (जिला मंत्री), मीरा, सरस्वती, लक्ष्मी, रश्मि, पलक, नंदिनी, सपना, करुणा सहित समस्त किन्नर समाज व विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समस्त नर-नारी और किन्नर समाज ने एकजुट होकर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर मां किरण नंद गिरी का भव्य स्वागत किया तथा श्री अवैधनाथ जी महाराज, श्री योगी आदित्यनाथ जी, भिखारी प्रजापति जी, विजय भैया उर्फ राणा, सनातन धर्म एवं विश्व हिंदू महासंघ के गगनभेदी जयकारे लगाए। वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु वंदना के उपरांत भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और राहगीरों ने बड़ी संख्या में पहुँचकर महाप्रसाद ग्रहण किया। विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।









