यूपीआरवीयूएनएल के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने किया ओबरा तापीय परियोजना का विस्तृत निरीक्षण

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा और स्थल निरीक्षण
पूर्वा टाइम्स – समाचार

सोनभद्र / लखनऊ, 19 जून, 2026 उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी (आईएएस) के नेतृत्व में शीर्ष प्रबंधन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ओबरा तापीय परियोजना का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संयंत्र की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना, सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना और कार्यस्थल पर एक उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना था। 18 जून, 2026 को हुए इस निरीक्षण में प्रबंध निदेशक के साथ निगम के सभी शीर्ष निदेशक और मुख्य अभियंता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में एस. के. दत्ता (परियोजना एवं वाणिज्य), शंभू नाथ त्रिपाठी (तकनीकी), रजनीश रस्तोगी (कार्मिक) तथा घनश्याम शर्मा (वित्त)। अनुराग बाजपेयी, समीर भटनागर, बी. पी. अग्रवाल तथा विकास शर्मा। दौरे के दौरान प्रबंध निदेशक एवं विशिष्ट अधिकारियों के दल ने परियोजना के श्रमिक सुविधा केन्द्रों, विभिन्न उत्पादन इकाइयों के कंट्रोल रूम तथा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी स्थलों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्थल निरीक्षण के उपरांत परियोजना के प्रशासनिक भवन में अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य महाप्रबंधक दूधनाथ, महाप्रबंधक (सी) एस. के. सिंघल, महाप्रबंधक (सिविल) अजय कुमार राय, महाप्रबंधक (प्रशासन) निखिल चतुर्वेदी, और सीआईएसएफ (CISF) के समादेष्टा श्री सतीश कुमार सिंह सहित परियोजना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रबंध निदेशक ने उत्तर प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में ओबरा परियोजना की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी को टीम भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ काम करते हुए अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संयंत्र में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने और मशीनों के बेहतर व समयबद्ध अनुरक्षण (Maintenance) पर विशेष बल दिया गया।
उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ कार्यप्रणाली में आधुनिक और नवाचार-आधारित (Innovation-led) संस्कृति को अपनाने को कहा गया। कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य और सकारात्मक माहौल के लिए कार्यस्थल पर उच्च स्तरीय स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की प्रगति के लिए ओबरा परियोजना की सफलता अनिवार्य है। सभी अधिकारी और कर्मचारी नई ऊर्जा के साथ एक ऐसी सकारात्मक कार्य संस्कृति का निर्माण करें, जहां सुरक्षा और उत्पादकता दोनों शीर्ष स्तर पर हों। उल्लेखनीय है कि 01 जून, 2026 से दूधनाथ द्वारा मुख्य महाप्रबंधक (CGM) के रूप में ओबरा परियोजना का कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही यहां के उत्पादन और कार्य निष्पादन में निरंतर सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहे हैं। उनके नेतृत्व में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय और सकारात्मक सोच का विकास हुआ है, जिसकी प्रबंध निदेशक ने भी सराहना की। इस पूरे दौरे और समीक्षा बैठक के सफल व सुव्यवस्थित आयोजन में अधीक्षण अभियंता सुरेश चंद्र मिश्रा और अधिशासी अभियंता सदानंद यादव सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपने दौरे के अगले चरण में, आज 19 जून, 2026 को प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने जिलाधिकारी, सोनभद्र से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में जिला प्रशासन और ओबरा परियोजना के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सार्थक चर्चा हुई। दोनों विभागों के बीच सहयोग के माध्यम से स्थानीय विकास कार्यों, प्रशासनिक मामलों और अवसंरचनात्मक (Infrastructure) विषयों को और अधिक गति देने पर आपसी सहमति बनी। यूपीआरवीयूएनएल के शीर्ष प्रबंधन का यह दौरा ओबरा तापीय परियोजना के लिए बेहद प्रेरणादायी और ऊर्जावान रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समीक्षा बैठक और प्रबंध निदेशक के मार्गदर्शन से परियोजना की कार्यकुशलता और भविष्य की विकास योजनाओं को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।

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