सर्जन सप्ताह के तहत गोरखपुर सर्जन क्लब द्वारा जनहित एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

गोरखपुर, । (एएसआई) की गोरखपुर सिटी शाखा द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 9 जून से 15 जून तक “सर्जन सप्ताह” मनाया जा रहा है। इस सप्ताह का उद्देश्य सर्जनों के आत्मविश्लेषण, नवीनतम चिकित्सा तकनीकों के अध्ययन एवं उपयोग तथा समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी बनाना है।
सर्जन सप्ताह के अंतर्गत गोरखपुर सर्जन क्लब द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 14 जून, विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर (आईएमए) के सहयोग से , शाही ग्लोबल हॉस्पिटल तारामंडल में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।
इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, सर्जिकल परामर्श तथा जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉक्टर शिव शंकर शाही ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का सरल एवं प्रभावी उपयोग आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान समय में गोरखपुर में लेजर तकनीक द्वारा बवासीर, भगंदर एवं फिशर का उपचार, बिना चीरा लगाए गुर्दे की पथरी निकालना तथा पित्त नली की पथरी का सफल उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एडवांस्ड मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (दूरबीन विधि सर्जरी) के माध्यम से अनेक जटिल बीमारियों का उपचार बिना बड़े चीरे और बिना टांकों के संभव हो रहा है। इससे मरीजों को कम दर्द, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा अस्पताल में कम समय तक रहने जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
डॉ. शाही ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रही है। यह तकनीक मानव त्रुटियों को न्यूनतम करने, सर्जरी की सटीकता बढ़ाने तथा जटिल प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित बनाने में सहायक है। इसी प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी चिकित्सा एवं सर्जरी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहा है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि एआई का उपयोग केवल विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही किया जाए और इसे चिकित्सक का विकल्प न माना जाए।
स्मार्ट एवं मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि आधुनिक ऑपरेशन थिएटरों में रोबोटिक्स, एआई, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा संक्रमण नियंत्रण की अत्याधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। इससे ऑपरेशन के बाद संक्रमण की दर कम होती है और मरीजों को तेजी से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में टेली-सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकें भी गोरखपुर में उपलब्ध हो सकती हैं, जिसके माध्यम से दुनिया के किसी भी हिस्से में मौजूद विशेषज्ञ सर्जन आधुनिक रोबोटिक एवं डिजिटल तकनीकों की सहायता से दूरस्थ स्थानों पर सर्जरी कर सकेंगे।
14 जून को बृहद वृक्षारोपण अभियान
पृथ्वी को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर सर्जन क्लब द्वारा 14 जून को प्रातः 7 बजे से 10 बजे तक बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम गोरखपुर-वाराणसी मार्ग स्थित सिहाइजपार क्षेत्र में राम दरबार मंदिर के आसपास संपन्न होगा।
डॉक्टर गौरव गुप्ता जो गोरखपुर सर्जन क्लब के साइंटिफिक सेक्रेटरी एवं के सर्जरी विभागाध्यक्ष ने बताया कि शीघ्र ही एम्स गोरखपुर में रोबोटिक तकनीक उपलब्ध होने जा रही है। इसके माध्यम से देश और दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सकों से रियल-टाइम परामर्श एवं तकनीकी सहयोग प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य तकनीक का है और प्रत्येक चिकित्सक को नई तकनीकों के प्रति दक्ष एवं सक्षम होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के ज्ञान और कौशल को अद्यतन बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सीएमई (कंटीन्यूअस मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष गोरखपुर में आयोजित होने वाले यूपीएसीकान कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित देशभर से लगभग 1500 से अधिक सर्जनों के भाग लेने की संभावना है, जहां नवीनतम तकनीकों और अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
अंत में डॉ. शिव शंकर शाही, सचिव, गोरखपुर सर्जन क्लब ने कहा कि मानवता को रोगमुक्त एवं स्वस्थ बनाने के लिए चिकित्सकों को नई तकनीकों, अनुसंधानों और आधुनिक उपकरणों का सकारात्मक उपयोग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाना चाहिए।








