स्लीपवेल एवं कंफर्ट ब्रांड की अगरबत्ती का क्रय विक्रय एवं भंडारण न करें – डॉ आर डी वर्मा

पूर्वा टाइम्स- डॉ अनिल गौतम
गोरखपुर। मच्छरों को मारने एवं नियंत्रण करने के लिए बाजारों में बिक रहे स्लीपवेल एवं कंफर्ट ब्रांड की अगरबत्ती जिसमें हर्बल प्राकृतिक ऑर्गेनिक तत्त्व होने की जानकारी निर्माता द्वारा दी जाती है।जबकि विभिन्न राज्यों के राजकीय प्रयोगशाला तथा भारत सरकार के केंद्रीय प्रयोगशाला की जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि उक्त ब्रांड अगरबत्ती में अपंजीकृत कीटनाशक विशेष रूप से डाईमेफ्लूथीरिन एवं मेपरफ्लूथीरिन का उपयोग हो रहा है जो कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियमावली 1971 का धारा 9(3) उलंघन है साथ ही स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से युक्त रसायन खतरनाक तथा अत्यंत जहरीला कीटनाशक रसायन होता है। जिसके लगातार प्रयोग होने से फेफड़े मस्तिक किडनी पेट एवं हृदय संबंधी गंभीर बीमारी होने का खतरा बना रहता है।ऐसे में सभी जनमानस से अपेक्षा की जाती है कि उक्त ब्रांड स्लीपवेल एवं कंफर्ट नामक अगरबत्ती का प्रयोग मच्छर नियंत्रण के लिए उपयोग में न लाएं साथ ही सभी कीटनाशक प्रतिष्ठान पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर किराने की दुकान के प्रोपराइटर को निर्देशित किया जाता है कि उक्त ब्रांड अगरबत्ती का क्रय विक्रय एवं भंडारण न करें। अन्यथा निरीक्षण करने पर उक्त ब्रांड के अगरबत्ती आपके प्रतिष्ठान में पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम 1968 में नियमावली 1971 के अंतर्गत दंडनीय अपराध मानते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति द्वारा जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ आर डी वर्मा ने दी।








