विश्व पर्यावरण दिवस पर CISF कैंप ओबरा में वृक्षारोपण महोत्सव का आयोजन.
पूर्वा टाइम्स – समाचार
सोनभद्र -विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ओबरा तापीय विद्युत परियोजना (OTHPP) स्थित CISF कैंप में वृक्षारोपण महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित भारत के निर्माण तथा लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर CISF अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व CISF के कमांडेंट सतीश कुमार सिंह ने किया। उनके साथ सहायक कमांडेंट आनंद कुमार नारा, सहायक कमांडेंट घोसनार टोप्पो, निरीक्षक एस.के. निराला, निरीक्षक एम.एस. यादव सहित अन्य अधिकारियों और जवानों ने परिसर में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए। वृक्षारोपण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित करें ताकि वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया तथा पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि एक वृक्ष न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करता है, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। CISF द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे कार्यक्रम न केवल हरित वातावरण के निर्माण में सहायक साबित होते हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करते हैं। देशभर में CISF और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम का समापन सभी अधिकारियों एवं जवानों द्वारा “हरित एवं स्वच्छ भारत” के संकल्प के साथ किया गया। उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।









