योग दिवस पर समाजसेवी ने योग के अद्भूत शक्ति का किया वर्णन

योग का अर्थ है जुड़ना अर्थात् योग से आत्मा का परमात्मा से मिलन-कुलदीप पाण्डेय

पूर्वा टाइम्स समाचार

गोरखपुर।गोरखपुर शहर के चर्चित युवा समाजसेवी व युवा जनकल्याण समिति नामक संस्था के प्रमुख व अध्यक्ष कुलदीप पाण्डेय ने योग दिवस के अवसर पर मोहद्दीपुर स्थित एक बृहद योग शिविर मे योगाभ्यास किया!
समाजसेवी विगत कई दिनों से स्कूलों, पार्कों व उद्यानों आदि जगहों पर योग शिविर आयोजित कर बच्चों से लेकर बडें बुजूर्गों को प्रशिक्षको के द्वारा योग प्रणायाम कराने व स्वस्थ रखने हेतु जनहित कार्य कर रहे हैं! समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय योग का व्यक्ति के जीवन मे क्या महत्व है उसका वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार से व्यक्ति के लिए भोजन कपड़ा मकान कि प्राथमिकता होती है उसी तरह से जीवन का प्रथम सुख निरोगी काया है! तभी कहा भी गया है शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम् अर्थात शरीर ही धर्म का पहला साधन है”। मतलब कि स्वस्थ शरीर के बिना कोई भी व्यक्ति धर्म या कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकता है। जब शरीर ही सक्षम नहीं होगा तो जीवन की कोई कीमत नहीं और न ही इसके द्वारा कोई कार्य होना सम्भव है! उसी भावना के साथ निरंतर योग के क्षेत्र में क़रीब 2020 से अब तक लोगों कि सेवा करते रहने का प्रयास जारी है!समयानुसार योग शिविर का आयोजन कर लोगों को योग प्रणायाम के प्रति आकर्षित करने के लिए भी संकल्पित हूँ! साथ ही कुलदीप पाण्डेय ने यह भी कहा कि अगर आपको सदैव स्वस्थ,प्रसन्न व प्रत्येक क्षण ऊर्जावान बने रहना है तो योग के शरण में आना ही पड़ेगा! योग का अर्थ है जुड़ना अर्थात योग से आत्मा का परमात्मा से मिलन. परमात्मा की अनुभूति करना है तो योग से जुड़ना होगा! योग के द्वारा ही परमात्मा का दर्शन करना संभव है। योग की बातों मे सदैव ही भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण की बात होती है, तभी तो भगवान श्री कृष्ण ने भी गीता में कहा है। “योग: कर्मसु कौशलम्” अर्थात् योग ही कर्मों में कुशलता है! कर्म को ही सारे सुखों का मूल कहा गया, एक सार्थक कर्म ही मनुष्य को मुक्ति के मार्ग के तरफ ले जाता है!

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