दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट (E2E) कैरियर लाउंज की स्थापना
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से विश्वविद्यालय की नई पहल
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) में छात्रों की रोजगार योग्यताओं को बढ़ाने और शिक्षा एवं उद्योग के बीच सेतु स्थापित करने हेतु जल्द ही शिक्षा से रोजगार (E2E) कैरियर लाउंज की स्थापना की जाएगी। यह पहल भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से संचालित की जा रही है। यह दूरदर्शी पहल श्री अजय शर्मा, संयुक्त सचिव, भारत सरकार एवं महानिदेशक (रोजगार) के मार्गदर्शन में तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को करियर परामर्श, उद्योग-आधारित प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है, ताकि वे शिक्षा से सीधे रोजगार की दिशा में सुगम और प्रभावी रूप से अग्रसर हो सकें। E2E कैरियर लाउंज, राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) और मॉडल कैरियर सेंटर्स (MCCs) की सफलता से प्रेरित है और यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत कार्य करेगा। श्री अजय शर्मा ने विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्र में कहा, “शिक्षा को अवसरों में बदलना ही समय की आवश्यकता है। E2E कैरियर लाउंज एक राष्ट्रीय पहल है जो युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और उनके भविष्य को दिशा देने के लिए कार्य करेगी।” कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा: “गोरखपुर विश्वविद्यालय उन प्रारंभिक संस्थानों में शामिल है, जहां E2E कैरियर लाउंज की स्थापना की जा रही है। यह पहल हमारे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान, करियर मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़े अनुभव प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाएगी। यह विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता है कि हम अपने छात्रों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि करियर की दिशा भी दें।”
E2E कैरियर लाउंज के बारे में:
डीडीयूजीयू परिसर में स्थापित यह कैरियर लाउंज निम्नलिखित सेवाएं नि:शुल्क प्रदान करेगा:
• व्यक्तिगत करियर परामर्श एवं मेंटरिंग
• अभिरुचि एवं रोजगार तत्परता मूल्यांकन
• उद्योग से जुड़े प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम
• इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप व ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर
• नवाचार, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन
इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा न्यूनतम 2000 वर्ग फुट क्षेत्र की व्यवस्था की जाएगी तथा आवश्यक आधारभूत संरचना व मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। यह लाउंज एक उद्योग साझेदार के सहयोग से संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा।
यह पहल विकसित भारत @2047 के विज़न के अनुरूप है और युवाओं को वर्तमान और भविष्य की नौकरियों के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








