सोनभद्र से भोपाल तक साइबर ठगी का जाल! सत्य सनातन ट्रस्ट के खाते से करोड़ों का खेल, अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार.पूर्वा टाइम्स – ब्यूरो

सोनभद्र -जनपद में करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खाते से जुड़े इस प्रकरण में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने ताजा कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से एक हुंडई अमेज कार बरामद की है। मामले की जांच में कई राज्यों से जुड़ी शिकायतों, संदिग्ध बैंक खातों और करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय कुमार पाण्डेय, राजेश पोद्दार और बब्बू प्रसाद प्रजापति के रूप में हुई है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने 25 अक्टूबर को भोपाल के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में सी-सेक्टर तिराहे के पास दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाए जाने के बाद 28 अक्टूबर को उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई। इससे पहले 25 अक्टूबर को तीन तथा 26 अक्टूबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

चार दिनों में चार करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन-:

पुलिस की जांच के मुताबिक, सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से बैंक खाता फरवरी 2026 में खोला गया था। 13 से 16 मार्च के बीच महज चार दिनों में इस खाते से चार करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन सामने आया। बताया गया कि आरटीजीएस और पेमेंट गेटवे सहित विभिन्न माध्यमों से धनराशि 150 से अधिक बैंक खातों में स्थानांतरित की गई। पुलिस ने करीब नौ लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराए जाने की जानकारी भी दी है। इसे पीड़ितों को वापस कराने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

35 शिकायतों में 11 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप-:

पुलिस के अलग-अलग जांच विवरणों में सत्य सनातन ट्रस्ट से संबंधित से 35 शिकायतों का उल्लेख है। इन शिकायतों में कथित धोखाधड़ी की कुल रकम 11 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस के एक विवरण के अनुसार, संबंधित बैंक खाते में करीब 2.37 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। शिकायतों और बैंक खातों से संबंधित आंकड़ों का अंतिम मिलान जांच का हिस्सा है।
पुलिस को आशंका है कि शेयर बाजार, ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को निशाना बनाया जाता था। कथित तौर पर लोगों को व्हाट्सऐप और टेलीग्राम समूहों से जोड़कर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद धनराशि अलग-अलग बैंक खातों में भेजी जाती थी।

दस्तावेजों और अन्य संस्थाओं के खातों की भी जांच-:

पुलिस के अनुसार, जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि कुछ लोगों को नौकरी, वेतन या संस्था में पद देने का लालच देकर उनके दस्तावेजों के माध्यम से बैंक खाते खुलवाए गए। सत्य सनातन ट्रस्ट के अलावा धर्मोदय फाउंडेशन, बलसा कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी तथा अन्य संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है। बैंक खाते खोलने और उनमें हुए लेनदेन के संबंध में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। इस मामले में दुद्धी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 281/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस का कहना है कि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई हो सकती है।

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