सोनभद्र में मतदाता सूची और SIR के विरोध में भाकपा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन.पूर्वा टाइम्स – ब्यूरोसोनभद्र -भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज भाकपा जिला कमेटी सोनभद्र द्वारा मतदाता सूची में गड़बड़ी, SIR प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के सवाल को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। देव कुमार विश्वकर्मा, जिला सह सचिव भाकपा सोनभद्र के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति महोदया के नाम जिलाधिकारी सोनभद्र को ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए भाकपा नेताओं ने कहा कि SIR के नाम पर किसी भी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित करना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। गरीबों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और वंचित वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा तथा मतदाता सूची में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
भाकपा की पाँच सूत्रीय प्रमुख मांगें-:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। 2. SIR के बाद मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल पुनः शामिल किए जाएं। 3. SIR प्रक्रिया पर रोक लगाकर शीघ्र मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया जाए। 4. मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली को जनहित में वापस लिया जाए। 5. लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और स्वस्थ राजनीतिक मूल्यों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए। भाकपा नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाना उसके लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करेगी।
धरने की अध्यक्षता एवं संचालन-:
धरने की अध्यक्षता कामरेड बसावन गुप्ता, जिला सह सचिव भाकपा ने की, जबकि संचालन कामरेड अमरनाथ सूर्य ने किया।
मुख्य रूप से उपस्थित-:
अमरनाथ सूर्य, बसावन गुप्ता, बीरबल कोल, रामचरितर कोल, लल्लू कोल, गीता देवी, इंदु भुइंया, रमेश भुइया, लक्ष्मण भुइया, सूरज बंसल, रामप्रसाद बंसल, अमरनाथ भारती, बनारसी भारती, अमरनाथ बिंद, प्रेमा गोंड, रामराज भारती, विष्णुकांति बंसल, मन्नू भारती, अमित कुमार बंसल, चंद्रशेखर बंसल, राजन बंसल, सुदेसरी कोल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

