संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत जनपद में साफ-सफाई और स्वास्थ्य जागरूकता के कार्य जारीपूर्वा टाइम्स – ब्यूरो

सोनभद्र -जनपद सोनभद्र में दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा दिनांक 12 अक्टूबर, 2026 से दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत गांवों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, खराब हैंडपंपों का चिन्हीकरण, नालियों की सफाई तथा बुखार, कुष्ठ, फाइलेरिया एवं क्षय रोग के संभावित मरीजों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशनानुसार उच्च जोखिम वाले गांवों में माइक्रोप्लान के अनुसार विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें मुख्य रूप से सफाईकर्मी, पंचायत सहायक, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे तथा लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव हेतु जागरूक किया गया।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत 17 अक्टूबर, 2026 को विद्यालयों में 11 संचारी जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं, जिनकी अब तक कुल संख्या 1,138 हो गई है। ग्राम स्तर पर 20 प्रभात फेरियां आयोजित की गईं, जिससे कुल संख्या 353 तथा 22 ग्राम सभा बैठकें आयोजित होने से कुल संख्या 359 हो गई है। इसी प्रकार 183 स्थलों पर झाड़ियों की कटाई कराई गई, जिससे कुल संख्या 2,284 हो गई है। 81 हैंडपंपों की मरम्मत के साथ कुल संख्या 1,545, हैंडपंपों के 44 चबूतरों की मरम्मत के साथ कुल संख्या 658 तथा 15 शौचालयों का निर्माण कराए जाने से कुल संख्या 340 हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 59 नालियों की सफाई के साथ कुल संख्या 1,077 तथा शहरी क्षेत्रों में 66 नालियों की सफाई के साथ कुल संख्या 825 हो गई है। नगरीय वार्डों में 4 स्थानों पर फॉगिंग कराई गई, जिससे कुल संख्या 78 हो गई है। सूकर पालकों के संवेदीकरण हेतु 5 सत्र आयोजित किए गए, जिनकी कुल संख्या 153 हो गई है। वहीं, कृंतक नियंत्रण हेतु 21 गोष्ठियां आयोजित की गईं, जिससे अब तक कुल संख्या 333 हो गई है।
दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर भ्रमण कर स्वास्थ्य परीक्षण एवं संभावित रोगियों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। अभियान के दौरान 204 बुखार के रोगियों को चिन्हित कर सभी 204 की आरडीटी किट से जांच की गई, जिसमें मलेरिया का कोई भी धनात्मक मामला नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त कुष्ठ रोग के लक्षणयुक्त कोई मरीज नहीं मिला। आईएलआई (खांसी, जुकाम) के लक्षणों से ग्रसित 38 रोगियों तथा क्षय रोग के लक्षणयुक्त 8 रोगियों को चिन्हित किया गया। अभियान के दौरान 12 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई, जिनमें से 3 बच्चों को उपचार हेतु संदर्भित किया गया। वहीं, डायरिया एवं कालाजार के लक्षणयुक्त कोई रोगी नहीं पाया गया।
जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कहीं भी पानी जमा न होने दें तथा शुद्ध पेयजल का सेवन करें। बुखार अथवा किसी भी संक्रामक रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर आवश्यक जांच एवं उपचार प्राप्त करें।

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